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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   narcotics control bureau survey data reveals Drug menace in Shimla kullu Mandi and Chamba

सर्वे में खुलासा, नशे की गिरफ्त में शिमला समेत हिमाचल के चार जिले

Fri, 12 Mar 2021 12:22 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 12 Mar 2021 12:22 PM IST
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narcotics control bureau survey data reveals Drug menace in Shimla kullu Mandi and Chamba
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो - फोटो : Social Media

देश भर में नशे से प्रभावित 272 जिलों में हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का नाम भी दर्ज हो गया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और एम्स दिल्ली की ओर से किए गए सर्वे में इसका खुलासा हुआ है। सर्वे के मुताबिक प्रदेश में जिला शिमला में लोग नशे से सबसे ज्यादा ग्रस्त हैं। जिला कुल्लू, मंडी और चंबा का नाम भी सूची में शामिल है।

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राष्ट्रीय नशामुक्ति एवं पुनर्वास समिति के सदस्य सुमित सिंह ने बताया कि इन 272 जिलों की पहचान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो से प्राप्त इनपुट और मंत्रालय के किए गए व्यापक राष्ट्रीय सर्वेक्षण के निष्कर्षों के आधार पर की गई है। ऐसे में समाज से नशे का जड़ से खात्मा करने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से 31 मार्च तक अभियान चलाया जा रहा है।
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युवाओं के बीच नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में नशा मुक्ति अभियान चलाने के साथ जागरूकता सृजन कार्यक्रम, समुदाय की आउटरीच और दवा पर निर्भर आबादी की पहचान, उपचार सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करने के साथ सेवा-प्रदाताओं के लिए क्षमता-निर्माण कार्यक्रम को शामिल किया गया है। इसके बाद शीर्ष तीन स्थान पर आने वाले जिले को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात में भारत को नशा मुक्त समाज बनने के लिए युवाओं को संबोधित किया था।
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राष्टीय कार्ययोजना से नशे का जड़ से होगा सफाया: सुमित
नशाखोरी की समस्या के समाधान के लिए सरकार की राष्ट्रीय कार्ययोजना के तहत प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को शिक्षा, नशा मुक्ति और पुनर्वास की एक बहुस्तरीय रणनीति के माध्यम से नशाखोरी के नकारात्मक प्रभावों को दूर करना है। कार्ययोजना में निवारक शिक्षा, जागरूकता का प्रसार, क्षमता निर्माण, उपचार एवं पुनर्वास, गुणवत्ता मानकों की स्थापना, संवेदनशील क्षेत्रों में दखल, कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण और नशा छोड़ने वालों को आजीविका समर्थन, राज्य संघ शासित क्षेत्र केंद्रित हस्तक्षेप, सर्वेक्षण, अध्ययन, मूल्यांकन और शोध शामिल हैं।

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