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नारकोटिक्स ब्यूरो का छापा: फर्जी बिलों पर नशीली दवाएं बेचने पर कंपनी मालिक, मैनेजर गिरफ्तार

Fri, 03 Dec 2021 10:53 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, बद्दी/शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, बद्दी/शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 03 Dec 2021 10:53 PM IST
सार

नारकोटिक्स ब्यूरो पिछले कई दिनों से इस कंपनी के थोक व्यापार पर कड़ी नजर रखे हुए था। ड्रग्स विभाग ने नारकोटिक्स ब्यूरो को कार्रवाई के लिए लिखा। शुक्रवार को दोनों विभागों के अधिकारियों ने बद्दी और जीरकपुर में दबिश दी। इस दौरान यहां से नशे की दवाओं की कालाबाजारी पाई गई। कुछ फर्जी खरीद बिल भी मिले हैं।

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Narcotics Bureau raid: Company owner, manager arrested for selling medicine on fake bills
कंपनी मालिक, मैनेजर गिरफ्तार (सांकेतिक ) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पंजाब की कंपनी जेनट फार्मा के बद्दी और जीरकपुर के होलसेल स्टोर व गोदाम में राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल सेल (एसएनसीसी) और ड्रग विभाग ने छापा मारकर रिकॉर्ड कब्जे में लिया है। यहां नशे की दवा की ब्लैक मार्केटिंग, फर्जी बिल बनाकर कहीं और बेचने, धोखाधड़ी करने और एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर कंपनी मालिक दिनेश बंसल और मैनेजर सोनू सैनी को गिरफ्तार कर लिया है। नारकोटिक्स ब्यूरो पिछले कई दिनों से इस कंपनी के थोक व्यापार पर कड़ी नजर रखे हुए था। ड्रग्स विभाग ने नारकोटिक्स ब्यूरो को कार्रवाई के लिए लिखा। शुक्रवार को दोनों विभागों के अधिकारियों ने बद्दी और जीरकपुर में दबिश दी। इस दौरान यहां से नशे की दवाओं की कालाबाजारी पाई गई।

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कुछ फर्जी खरीद बिल भी मिले हैं। जांच में पता चला है कि पिछले दो सालों में इस कंपनी ने सौ करोड़ से ज्यादा कीमत की नशे के तौर पर भी इस्तेमाल होने वाली दवाएं बेची हैं। राज्य ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाह ने बताया कि विभाग की पिछले कई दिनों से जेनट फार्मा के बद्दी स्थित होलसेल के कारोबार पर नजर थी। कंपनी पर नशे के अवैध कारोबार का आरोप है। अब तक की जांच में खुलासा हुआ कि इस कंपनी ने मंडी के नेरचौक के लिए 19 लाख की दवाओं की बिलिंग दिखाई, लेकिन वह ड्रग्स वहां पहुंची ही नहीं। शिमला नारकोटिक्स टीम यह जांच कर रही है कि यह सप्लाई किसे दी। दस्तावेजों से पुलिस को संदेह है कि इससे पहले भी कंपनी का मालिक करोड़ों की ड्रग्स का हेरफेर कर चुका है। नारकोटिक्स महकमे का यह पहला इतना बड़ा मामला है। कंपनी ने राजस्थान समेत कई राज्यों में दवाओं की सप्लाई की है। आरोपी के खिलाफ पहले भी पंजाब में मुकदमा दर्ज है और वहां उसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया। 
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क्या कहते हैं जांच अफसर 
एसएनसीसी के डीएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने सीआईडी थाना शिमला में मामला दर्ज कर छानबीन तेज कर दी है। उन्होंने कहा कि हर पहलू की जांच हो रही है। जांच प्रभावित न हो इसलिए ज्यादा सूचनाएं फिलहाल साझा नहीं की जा सकती। 

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