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हिमाचल को मिलेगा 20 हजार करोड़ का ऋण, होंगे ये काम

Thu, 12 Jan 2017 12:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 12 Jan 2017 12:09 PM IST
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Nabard will give 20 thousand crore rupee loan to himachal pradesh

नए वित्त वर्ष में नाबार्ड हिमाचल को 20332.53 करोड़ रुपये के ऋण दिलाएगा। यह पिछले वर्ष से 26 प्रतिशत अधिक होगा। वित्त वर्ष 2017-18 में हिमाचल के फोकस पेपर में नाबार्ड ने लगभग 4200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज देने और दिलाने का फैसला लिया है। कृषि और अन्य गतिविधियों के लिए नाबार्ड 9289.81 करोड़ रुपये का कर्ज दिलाएगा।

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हिमाचल सरकार के मुख्य सचिव वीसी फारका की अध्यक्षता में होटल होलीडे होम शिमला में राज्य ऋ ण सेमिनार आयोजित किया गया। उन्होंने नाबार्ड की ओर से तैयार 2017-18 के लिए स्टेट फोकस पेपर का औपचारिक रूप से विमोचन किया। नाबार्ड के हिमाचल प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय के महाप्रबंधक रविंद्र कुमार ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए राज्य ऋण सेमिनार के उद्देश्यों और महत्ता पर प्रकाश डाला। 
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इस अवसर पर नाबार्ड के महाप्रबंधक रविंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2017-18 के लिए नाबार्ड ने स्टेट फोकस पेपर में कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ऋ ण प्रवाह के लिए संभावना का आकलन किया है। नाबार्ड का स्टेट फोकस पेपर हितधारकों की ओर से ऋ ण और बुनियादी ढांचे की योजना के लिए ब्लू प्रिंट के रूप में काम करेगा। वार्षिक ऋृ ण योजना के आधार पर ही राज्य के लिए 2017-18 के लिए बैंकों की ओर से वार्षिक ऋण योजना बनाई जाएगी।
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इस स्टेट फोकस पेपर की विषयवस्तु में वर्ष 2022 तक किसानों की दोगुनी आय बढ़ाई जाएगी। स्टेट फोकस पेपर में 20332.53 करोड़ रुपये का प्राथमिक क्षेत्र में संभावित ऋण आकलन किया गया है। इस क्षेत्र के लिए 9,289.81 करोड़ रुपये के अलावा सेवाओं, निर्माण, आवास, शिक्षा निर्यात और सामाजिक बुनियादी सुविधाओं के लिए 11042.72 करोड़ रुपये की संभावना का आकलन हुआ है।

क्षेत्र आधारित योजनाएं जैसे कृषि और अन्य गतिविधियों में तीन-चार मुख्य गतिविधियों की पहचान की गई है, जिनके लिए बैंकों से सावधि ऋ ण प्राप्त हो सकेंगे। चिह्नित क्षेत्र आधारित योजनाएं डेयरी विकास, भेड़, बकरी और सुअर पालन, मशरूम, अनार पौधरोपण, सेब पौधरोपण और मुर्गी पालन हैं।  इस मौके पर आरबीआई के महाप्रबंधक अमर चंद, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्रीकांत बाल्दी, प्रधान सचिव बागवानी जेसी शर्मा, बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य अधिकारी मौजूद रहे। 

नाबार्ड ने इस तरह से किया कर्ज का आकलन 
वित्तीय अनुमान                                                    (करोड़ रुपये)

1. कृषि और अन्य गतिविधियों को ऋण                              9289.81
2. एमएसएमई (कार्यशील पूंजी और निवेश ऋ ण)                   6308.75
3. अन्य प्राथमिक क्षेत्र (निर्यात और सामाजिक आधारभूत सुविधा)  4733.97 
कुल प्राथमिक क्षेत्र                                                  20332.53

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