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हिमाचल ले सकेगा 16 हजार करोड़ रुपये कर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 23 Dec 2015 09:45 AM IST
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हिमाचल सरकार कृषि और ग्रामीण विकास कार्यों के लिए 16,125 करोड़ रुपये का कर्ज ले सकेगी। शिमला में स्टेट क्रेडिट सेमिनार में नाबार्ड ने नए वित्त वर्ष के राज्य ऋण योजना को हरी झंडी दे दी है। अगले वित्त वर्ष में प्राथमिक क्षेत्र में किसानों-बागवानों, गरीबों, छोटे उद्योगों, शिक्षा ऋण, ग्रामीण आवास आदि को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार यह ऋण ले सकती है।
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वर्ष 2016-17 के लिए नाबार्ड ने हरी झंडी दे दी है। नाबार्ड ने यह आकलन सरकार के अधिकारियों के साथ शिमला में हुए स्टेट क्रेडिट सेमीनार में पेश किया। वित्त वर्ष 2015-16 में यह आकलन लगभग 13 हजार करोड़ का था। नाबार्ड ने वर्ष 2016-17 के लिए राज्य ऋण योजना प्रस्तुत करने के लिए 22 दिसंबर 2015 को होटल पीटरहॉफ में स्टेट क्रेडिट सेमिनार का आयोजन किया।
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इसका उद्घाटन सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स ने किया। मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड डा. पी. राधाकृष्णन ने गणमान्य अतिथियों और विभिन्न हितधारकों का स्वागत करते हुए वर्ष 2016-17 के लिए जिला स्तर और राज्य स्तर पर ऋण योजनाएं तैयार करने की कार्यप्रणाली की जानकारी दी।
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वर्ष 2016-17 के दौरान दीर्घकालिक संभाव्यता, उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं, सहायक सेवाओं, वित्तीय संस्थानों की स्थिति, ऋण उपयोग क्षमता आदि के आधार पर 16,125 करोड़ की कुल ऋण योजना का आकलन किया गया है। उन्होंने बताया कि स्टेट फोकस पेपर तैयार करने में संभवतया का आकलन करने और सामाजिक एवं कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर में अंतराल की पहचान करने पर जोर दिया गया है।
मंत्री विद्या स्टोक्स, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य और बागवानी विभाग ने स्टेट फोकस पेपर का विमोचन किया, जिसमें वर्ष 2016-17 की राज्य ऋण योजना का आकलन किया गया है। उन्होंने किसान क्लब कार्यक्रम, एसएचजी बैंक लिंकेज कार्यक्रम और जेएलजी फाइनेंसिंग कार्यक्रम में नाबार्ड से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं को भी उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। महाप्रबंधक नाबार्ड रविंद्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ सेमीनार का समापन किया।