वैज्ञानिक भी नहीं सुलझा पाए इस पहेली का रहस्य
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घुमारवीं के बाड़ी गांव में एक मकान के सामान में रहस्यमयी आग वैज्ञानिकों के लिए भी पहेली बन गई है। आग के कारणों के लिए वैज्ञानिकों द्वारा किए गए रसायन एवं भौतिक परीक्षण में ठोस नतीजे सामने नहीं आए हैं। दोनों ही विधियों में आग की वजह न तो पेट्रोलियम पदार्थ निकली और न ही गैस। ऐसे में अब सवाल यह उठ रहा है कि एक घर में कई दिनों तक अचानक आग की लपटें उठीं तो कैसे?
लगभग दो महीने के बाद पहुंची रिपोर्ट में आग के पुख्ता कारणों का पता नहीं चल सका है। एफएसएल की टीम ने सितंबर में मौके का दौरा करते हुए जले हुए कपडे़, मेटरेस, सोफे की लकड़ी, बैडशीट्स, पिल्लो के सैंपल लिए थे। प्रयोगशाला में इनकी भौतिक एवं रसायन दोनों ही विधियों से जांच की गई है।
पुलिस को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक इन सैंपलों में किसी भी तरह के पेट्रोलियम पदार्थ मिट्टी तेल, पेट्रोल, डीजल, तारपीन, गैसों में हाईपोक्लाराइड, क्लोरेट्स, ब्रोमेट्स, नाइट्रेटस, नाइट्राइटस डिटेक्ट नहीं हुए हैं। इसके अलावा अमोनियम, पोटाशियम, सोडियम, लैड, जिंक जैसे तत्व भी इन सैंपलों में नहीं हैं। रिपोर्ट में इसका जिक्र नहीं है कि आग कैसे लगी। हालांकि, बताया जा रहा है कि अब बाड़ी गांव में इस तरह की घटना नहीं हो रही है।
क्या है पूरा मामला
बिलासपुर जिले के बाड़ी गांव में नौ सितंबर को आग की यह घटना हुई थी। इसके पश्चात डीएसपी घुमारवीं अंजनि जस्वाल की अगुवाई में टीम मौके पर गई और कुछ सैंपल लेकर जांच को भेजे। एफएसएल की टीम ने स्वयं मौके पर पहुंचकर भी सैंपल लिए।
रहस्यमयी आग का यह सिलसिला लगभग दो सप्ताह तक चला। तांत्रिक विधि से कुछ अनुष्ठान करवाने के पश्चात आग की लपटें शांत हुईं, लेकिन अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में फिर आग की लपटें उठीं। उसके बाद एफएसएल की टीम ने फिर दौरा कर कुछ सैंपल लिए।
फोरेंसिक लैब से आग के कारणों की रिपोर्ट आई है। इसमें किसी भी तरह के ज्वलनशील पदार्थ नहीं होने की बात कही गई है। फिलहाल मामले की छानबीन चल रही है। आग कैसे लग रही थी, इसका पता नहीं चल सका है।
- अंजनि जस्वाल, डीएसपी घुमारवीं