इस राज्य में भी हिंदुओं से दोगुना गति में बढ़े मुस्लिम
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मोदी सरकार की ओर से धर्म के आधार पर जारी जनगणना रिपोर्ट में वर्ष 2001 और 2011 के बीच हिमाचल में मुस्लिमों की जनसंख्या 20.2 फीसदी बढ़ी है। 2001 में हिमाचल में मुस्लिमों की जनसंख्या 119512 थी, जो अब बढ़कर 149881 हो गई है। बौद्ध धर्म के लोगों की जनसंख्या में भी 3.55 फीसदी का इजाफा हुआ है। वर्ष 2001 में हिमाचल में बौद्ध धर्म के लोगों की जनसंख्या 75859 थी। यह बढ़कर 78659 हो गई है।
उधर, 10 साल में हिंदुओं की जनसंख्या भी 11.21 फीसदी बढ़ी है। 2001 में हिमाचल में हिंदुओं की जनसंख्या 5800222 थी। यह अब 6532765 हो गई है। कांगड़ा जिले में 1461140, चंबा में 479782, लाहौल-स्पीति में 11649, कुल्लू में 415669, मंडी में 981412, हमीरपुर में 449412 और ऊना में 480138 हिंदू हैं।
कांगड़ा जिले में हैं सबसे ज्यादा हिंदु
बिलासपुर में 371973, सोलन में 588579, सिरमौर में 476830, शिमला में 791449, किन्नौर में 64732 हिंदू हैं। इन आंकड़ों से जाहिर होता है कि प्रदेश के सभी जिलों में से हिंदुओं की सबसे ज्यादा जनसंख्या कांगड़ा जिले में है। कांगड़ा में अन्य जिलों के मुकाबले हिंदुओं की जनसंख्या करीब तीन गुना से भी ज्यादा है।
कांगड़ा जिले में 14511, चंबा में 17400, लाहौल-स्पीति में 19572, कुल्लू में 15377, मंडी में 2628, हमीरपुर में 95, ऊना में 37, बिलासपुर में 113, सोलन में 574, सिरमौर में 2645, शिमला में 3262, किन्नौर में 18086 बौद्ध धर्म के लोग रहते हैं। प्रदेश भर के जिलों में बौद्ध धर्म के लोगों की सबसे अधिक जनसंख्या लाहौल-स्पीति में है। सबसे कम जनसंख्या ऊना में है। कांगड़ा, लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू में बौद्ध धर्म के लोग ज्यादा संख्या में रहते हैं।