हिमाचल में यहां बर्फानी तेंदुए और भूरे भालू के बाद अब दिखा कस्तूरी मृग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंबा जिले के वन्य अभ्यारण्य क्षेत्र में लुप्त प्राय प्रजाति के वन्य जीवों की मौजूदगी से विभाग बेहद उत्साहित है। बर्फानी तेंदुए और भूरे भालू के बाद अब कालाटोप इलाके में कस्तूरी मृग की तस्वीर ट्रैप कैमरे में कैद हुई है। इस दुर्लभ प्रजाति को चंबा से विलुप्त माना जा रहा था।
इससे पहले पांगी के सेचू वन्य अभ्यारण्य क्षेत्र में बर्फानी तेंदुए और कुगति में भूरा भालू होने के सबूत मिले थे। स्थानीय लोग इन प्रजातियों के देखे जाने की सूचनाएं विभाग को देते रहते थे, लेकिन इसका कोई साक्ष्य नहीं था।
विभाग ने साक्ष्य जुटाने के लिए वन्य प्राणी क्षेत्रों में ट्रैप कैमरे लगाने के अलावा कर्मचारियों की गश्त को भी बढ़ा दिया। इसके बाद से लगातार अच्छी खबरें सामने आ रही हैं।
कस्तूरी मृग के सबूत मिलना अच्छी खबर: डीएफओ
जिला चंबा के वन्य अभ्यारण्य क्षेत्रों कुगति, कालाटोप, तुंदाह, गमगुल, सिहा बेई व सेचू (पांगी) में विलुप्त मानी जा रही प्रजातियों की मौजूदगी मिली है। अब विभागीय अमला इन जानवरों की सुरक्षा को लेकर मुस्तैद हो गया है।
कालाटोप व खज्जियार में इन वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग वैन लगाई गई है। इसके जरिये विभागीय कर्मचारी दिन रात जंगल में होने वाली घुसपैठ पर नजर रख रहे हैं।
इसके अलावा खज्जियार, सतरूंडी व कालाटोप में बनी चेक पोस्टों पर सीसीटीवी लगाए गए हैं। इस पूरे इलाके में हथियारों के साथ किसी की भी प्रवेश पर नजर रखी जा रही है।
वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ निशांत मंढ़ोत्रा ने बताया कि चंबा में बर्फानी तेंदुए, भूरे भालू के बाद अब कस्तूरी मृग के होने के सबूत मिले हैं। यह अच्छी खबर है। इन विलुप्त प्रजातियों के संरक्षण को लेकर विभाग पूरे प्रयास कर रहा है। संरक्षित क्षेत्र में किसी भी अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए निगरानी तंत्र और मजबूत किया गया है।