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Lohri 2021: हिमाचल के इस शहर में रियासत काल में लोहड़ी की रात माफ था एक खून

Wed, 13 Jan 2021 06:20 PM IST
Krishan Singh पंकज सलारिया, अमर उजाला, चंबा
पंकज सलारिया, अमर उजाला, चंबा Published by: Krishan Singh Updated Wed, 13 Jan 2021 06:20 PM IST
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-Lohri 2021 in Himachal Pradesh News: murder on Lohri night was forgiven during princely period in chamba of Himachal.
लोहड़ी 2021(सांकेतिक)

उत्तर भारत के लोकप्रिय त्योहार लोहड़ी के साथ हिमाचल प्रदेश के चंबा की हिंसक लोहड़ी का इतिहास आज भी हैरत में डाल देता है। देश की आजादी से पहले लोहड़ी पर्व खूनी संघर्ष की तर्ज पर मनाया जाता था। इस दौरान अगर किसी की जान चली जाती थी तो एक खून माफ था। वर्तमान में इसे प्रशासन की देखरेख में छीनाझपटी के संघर्ष तक सीमित कर दिया गया है। लोहड़ी की रात को सदियों से चले आ रहे मढ़ियों के संघर्ष को बुरी शक्तियों को भगाने की मान्यता हासिल है। दरअसल, सुराड़ा क्षेत्र को राज मढ़ी (पुरुष) का दर्जा दिया गया है। चौंतड़ा मढ़ी को बजीर मढ़ी का दर्जा दिया गया है। क्षेत्र में 13 अन्य मढ़ियां (महिला) हैं। मढ़ियां एक चिह्नित क्षेत्र होता है, जिसे पुरुष और महिला की प्रतीकात्मक संज्ञा दी जाती है। मकर संक्रांति से एक दिन पहले 13 जनवरी की रात को सुराड़ा क्षेत्र के लोग राज मढ़ी की प्रतीक मशाल को हर मढ़ी में लेकर जाते हैं। पालकी साथ लेकर निकलने वाली टोलियों को 13 मढ़ियों में जाकर पालकी स्थापित करनी होती है। रास्ते में उन्हें रोकने वाली टोलियां भी तैनात रहती हैं। पूर्व में इस संघर्ष के दौरान हथियार का इस्तेमाल भी होता था। यहां तक कि इस संघर्ष में एक हत्या को राज परिवार की ओर से माफी दी जाती थी। आजादी के बाद से मढ़ियों के संघर्ष में हथियार के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई। वर्तमान में यह संघर्ष छीनाझपटी के तौर पर होती है, जिसमें कई लोग घायल हो जाते हैं। (संवाद)

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नगर परिषद देती है विशेष राशि
नगर परिषद चंबा की ओर से 15 मढ़ियों को विशेष राशि भी दी जाती है। राजमढ़ी को दस हजार और बजीर मढ़ी को 6500 रुपये दिए जाते है। अन्य 13 मढ़ियों को दो-दो हजार रुपये की राशि दी जाती है। इससे लकड़ी इत्यादि की खरीद की जाती है। पुलिस थाना सदर चंबा के प्रभारी शकीनी कपूर ने बताया कि लोहड़ी पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहता है। पर्व मनाते समय किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पर्याप्त बंदोबस्त सुनिश्चित किए गए हैं। तीस पुलिस जवानों को टुकड़ियों में बांटा गया है, जो नियमित गश्त करेंगी।

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