Himachal: सीएम सुक्खू बोले- मछुआरों की रॉयल्टी 15 से एक फीसदी की, पांच गुना जुर्माना माफ
मछुआरा समितियों पर रॉयल्टी के बाद लगने वाले पांच गुना जुर्माने को माफ करने का एलान किया। मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना के तहत बिलासपुर जिले के 1500 मछुआरा परिवारों को 3500-3500 रुपये की दर से कुल 52.50 लाख रुपये डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में हस्तांतरित किए गए।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को झंडूता विधानसभा क्षेत्र के धराड़सानी में मछुआरा समुदाय को बड़ी राहत देते हुए जलाशयों से पकड़ी जाने वाली मछली पर रॉयल्टी को 7.50 फीसदी से घटाकर अब एक फीसदी करने की घोषणा की। इसके साथ ही मछुआरा समितियों पर रॉयल्टी के बाद लगने वाले पांच गुना जुर्माने को माफ करने का एलान किया। मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना के तहत बिलासपुर जिले के 1500 मछुआरा परिवारों को 3500-3500 रुपये की दर से कुल 52.50 लाख रुपये डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में हस्तांतरित किए गए। मुख्यमंत्री ने मछुआरों के लिए लैंडिंग सुविधाएं विकसित करने को 10 लाख रुपये और पूरे प्रदेश में मछुआरों को लाइफ जैकेट उपलब्ध करवाने के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। मछुआरों के लिए कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने की सब्सिडी को 70 से बढ़ाकर 80 फीसदी करने का एलान किया।
कहा कि मछली को दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए रेफ्रिजरेटेड वाहनों की खरीद पर सरकार की ओर से 70 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है। कहा कि करीब डेढ़ वर्ष पहले मछुआरा समुदाय के लोग उनसे मिले थे और बताया था कि जलाशयों से पकड़ी जाने वाली मछली पर 15 फीसदी रॉयल्टी देनी पड़ती है। उनके संज्ञान में यह भी आया कि रॉयल्टी के बाद मछुआरा समितियों पर पांच गुना जुर्माना लगाया जाता है। उदाहरण देते हुए कहा कि 15 हजार रुपये की देनदारी पर 75 हजार रुपये तक जुर्माना हो जाता था। उन्होंने मछुआरों पर लगने वाले इस पांच गुना जुर्माने को माफ करने की घोषणा की। जब दो महीने मछली पकड़ने का सीजन नहीं होता तो मछुआरा परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होता है। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना शुरू की गई है। कहा कि बिलासपुर के 1500 परिवारों को 3500 रुपये प्रति परिवार के हिसाब से कुल 52.50 लाख रुपये दिए जा रहे हैं। राशि डीबीटी के माध्यम से खातों में भेजी गई है। कोल्ड स्टोरेज पर सब्सिडी 70 से बढ़ाकर 80 फीसदी की गई है। पांच मीट्रिक टन क्षमता के कोल्ड स्टोरेज स्थापित किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मछुआरे सुबह-सुबह जलाशयों में जाते हैं और उनके जीवन की सुरक्षा भी जरूरी है। इसके लिए पूरे प्रदेश में मछुआरों को लाइफ जैकेट उपलब्ध करवाने के लिए 50 लाख रुपये दिए जाएंगे। लैंडिंग सुविधाएं विकसित करने के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
सरकारी स्कूलों में 24 हजार दाखिले बढ़े, 150 सीबीएसई स्कूल शुरू किए
मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार के समय हिमाचल की शिक्षा व्यवस्था के देश में 21वें स्थान पर होने का दावा करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से प्रदेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में पांचवें स्थान पर पहुंचा है।उन्होंने कहा कि सरकार ने 150 सीबीएसई स्कूल शुरू किए हैं। इसके बाद सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या करीब 24 हजार बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये बच्चे निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में आए हैं। जहां निजी सीबीएसई स्कूल में सालाना करीब 50 हजार रुपये फीस देनी पड़ती थी, वहीं सरकारी स्कूल में करीब दो हजार रुपये फीस में सीबीएसई पाठ्यक्रम की पढ़ाई हो रही है।उ न्होंने कहा कि सीबीएसई स्कूलों में प्रधानाचार्यों और शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। करीब 90 फीसदी स्कूलों में लिखित परीक्षा पास कर नियुक्त होने वाले प्रधानाचार्यों की नियुक्ति हो चुकी है। अंग्रेजी, गणित और भौतिक विज्ञान के शिक्षक भी ज्वाइन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के परिणाम आने में समय लगता है और इसके लिए कम से कम पांच वर्ष और चाहिए।
1.70 लाख परिवारों के लिए ला रहे अपना परिवार सुखी परिवार योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहली बार गरीब परिवारों का व्यापक सर्वे करवाया गया। पंचायत चुनावों से पहले पांच महीने की अवधि में आठ चरणों में एसडीएम और बीडीओ के माध्यम से सर्वे करवाया गया। इसमें 1.70 लाख परिवार ऐसे मिले जिनकी वार्षिक आय 75 हजार रुपये से कम है। इनमें करीब 90 हजार परिवार ऐसे मिले जो पहले कभी आईआरडीपी या बीपीएल श्रेणी में नहीं आ पाए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परिवारों के लिए अपना परिवार सुखी परिवार योजना लाई जा रही है, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
आपदा के 1500 करोड़ अब तक नहीं मिलने का आरोप
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वर्ष 2023-24 और 2025-26 में आई आपदाओं का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर 1500 करोड़ रुपये की घोषित सहायता राशि जारी नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से 1500 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई थी, लेकिन हिमाचल अभी भी राशि का इंतजार कर रहा है। उन्होंने प्रदेश के चारों भाजपा सांसदों से केंद्र सरकार के समक्ष हिमाचल की आपदा सहायता राशि जारी करवाने की मांग उठाने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से आपदा प्रभावित परिवारों को आठ लाख रुपये तक की सहायता देने का फैसला किया है, जबकि पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सिर्फ 1.50 लाख रुपये तक की सहायता मिलती थी।
भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने भ्रष्टाचार के माध्यम से संपत्ति अर्जित की है और जिनके खिलाफ तथ्य और प्रमाण सामने आएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से अर्जित धन को जरूरतमंदों के कल्याण में इस्तेमाल किया जाएगा।उन्होंने भाजपा पर सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार के खिलाफ अभियान चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि रीलों के जरिए सरकार पर हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राजनीतिक लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी और भ्रष्टाचार के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी।