एमओयू साइन: हिमाचल के पांच जिलों में सात रज्जू मार्ग परियोजनाओं का रास्ता साफ
नई दिल्ली में मंगलवार को इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड (एनएचएलएमएल) और रज्जू मार्ग एवं तीव्र परिवहन प्रणाली विकास निगम लिमिटेड यानी (आरटीडीसी) हिमाचल प्रदेश में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और केेंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी इस दौरान मौजूद रहे।
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, सिरमौर और बिलासपुर में सात रज्जू मार्ग परियोजनाओं को बनाने का रास्ता साफ हो गया है। इन प्रोजेक्टों को लेकर संभावित रिपोर्ट बनेगी। 2,264 करोड़ की लागत से ये रोपवे बनेंगे। नई दिल्ली में मंगलवार को इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड (एनएचएलएमएल) और रज्जू मार्ग एवं तीव्र परिवहन प्रणाली विकास निगम लिमिटेड यानी (आरटीडीसी) हिमाचल प्रदेश में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी इस दौरान मौजूद रहे।
शिमला-मटौर, पठानकोट-चक्की-मंडी और चक्की-मंडी-मनाली सड़क पर कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों की मरम्मत की जरूरत
सीएम जयराम ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि शिमला-मटौर, पठानकोट-चक्की-मंडी और चक्की-मंडी-मनाली सड़क पर कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों की मरम्मत की शीघ्र जरूरत है। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से मंत्रालय को प्रस्तुत नौ उच्च प्राथमिकता वाली सड़कों की अधिसूचना जल्द जारी करने का भी आग्रह किया।
जल निकासी व्यवस्था का मामला उठाया
ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने पावंटा-लालढांग-राजवन-शिलाई-रोहडू़ सड़क पर अपर्याप्त जल निकासी व्यवस्था का मामला उठाया और उन्होंने कहा कि इससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय मंत्री ने राज्य को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।