फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   mother from Vrindavan reached the court of Maa Chintpurni on her knees and the daughter prostrated herself

आस्था: मां घुटनों के बल और बेटी दंडवत प्रणाम करते पहुंची मां चिंतपूर्णी के दरबार, देखें वीडियो

Thu, 30 Oct 2025 05:40 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, चिंतपूर्णी(ऊना)।
संवाद न्यूज एजेंसी, चिंतपूर्णी(ऊना)। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 30 Oct 2025 05:40 PM IST
सार

 बेटी ने ऊना बस स्टैंड से मंदिर तक की संपूर्ण यात्रा दंडवत प्रणाम करते हुए पूरी की, जबकि मां घुटनों के बल चलते हुए देवी के दरबार तक पहुंचीं।

विज्ञापन
mother from Vrindavan reached the court of Maa Chintpurni on her knees and the daughter prostrated herself
मां घुटनों के बल और बेटी दंडवत प्रणाम करते पहुंची मां चिंतपूर्णी के दरबार। - फोटो : संवाद

विस्तार

मां चिंतपूर्णी दरबार में श्रद्धा और विश्वास का ऐसा दृश्य शायद ही कभी देखने को मिले, जब वृंदावन से आई एक मां और उसकी बेटी ने अपनी अनोखी तपस्या से सबका दिल जीत लिया। बेटी ने ऊना बस स्टैंड से मंदिर तक की संपूर्ण यात्रा दंडवत प्रणाम करते हुए पूरी की, जबकि मां घुटनों के बल चलते हुए देवी के दरबार तक पहुंचीं। मां-बेटी को श्रद्धालु निहारते ही रह गए। जानकारी के अनुसार दोनों ने अपनी यात्रा का आरंभ वृंदावन धाम से किया था।

विज्ञापन

मां ने निश्चय किया कि वह बस स्टैंड से करीब एक किलोमीटर की यात्रा में हर पग घुटनों के बल बढ़ाकर मां चिंतपूर्णी के दर्शन करेगी, वहीं उनकी बेटी ने संकल्प लिया कि वह दंडवत प्रणाम करते हुए ही दरबार पहुंचेंगी। रास्ते भर दोनों ने कठिन मार्गों, बदलते मौसम और थकावट की परवाह किए बिना केवल माता रानी के प्रति अपनी अटूट भक्ति को साधना माना। मंदिर के मुख्य पुजारियों और श्रद्धालुओं ने भी उनके इस अद्वितीय भाव को सलाम किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

जब मां-बेटी ने देवी के दरबार में पहुंचकर आहुति और दर्शन किए तो माहौल भाव-विभोर हो उठा। कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और पूरे परिसर में जय मां चिंतपूर्णी के जयकारे गूंज उठे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की आस्था यात्रा न केवल भक्ति का प्रतीक है बल्कि यह भावनात्मक रूप से मां-बेटी के अटूट बंधन को भी प्रदर्शित करती है। ऐसी यात्राएं समर्पण और प्रेम का संदेश देती हैं कि सच्ची श्रद्धा कठिनाइयों से ऊपर होती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed