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Shimla News: दहेज प्रताड़ना के मामले में मां और बेटा हिमाचल हाईकोर्ट से बरी
Mon, 25 Sep 2023 06:18 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 25 Sep 2023 06:18 PM IST
सार
न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने देवेंद्र सिंह और अन्य की ओर से दायर अपील को स्वीकार किया है।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दहेज प्रताड़ना के दो दोषियों को बरी कर दिया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने देवेंद्र सिंह और अन्य की ओर से दायर अपील को स्वीकार किया है। हाईकोर्ट ने विचारण अदालत के निर्णय को निरस्त करते हुए सरकार की अपील को भी खारिज कर दिया। विचारण अदालत ने कांगड़ा निवासी देवेंद्र सिंह और उसकी मां को दहेज प्रताड़ना के लिए दोषी ठहराया था। हालांकि अदालत ने उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध से दोषमुक्त किया था। सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष उन्हें इस अपराध के लिए बरी किए जाने को चुनौती दी थी।
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हाईकोर्ट ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड का अवलोकन कर पाया कि 4 दिसंबर, 2007 को सत्या देवी की शादी देवेंद्र सिंह से हुई थी। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि शादी के दो महीनों के बाद ही आरोपियों ने उसे दहेज के प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। इस प्रताड़ना के बाद उसे 24 नवंबर, 2008 को आत्महत्या कर ली। देवेंद्र सिंह और उसकी मां के खिलाफ सत्र न्यायाधीश कांगड़ा की अदालत में अभियोग चलाया गया था। अदालत ने पाया कि विचारण अदालत ने उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध से दोषमुक्त किया है। उन्हें सिर्फ दुर्व्यवहार और उत्पीड़न के लिए दोषी ठहराया था। इसके लिए उनके खिलाफ कोई आरोप तय नहीं किया गया था। अदालत ने विचारण अदालत के निर्णय को निरस्त करते हुए उन्हेें तुरंत बरी करने के आदेश दिए हैं।
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