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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Moratorium on the sale of fireworks in tight markets

तंग बाजारों में आतिशबाजी की बिक्री पर रोक

Thu, 16 Oct 2014 11:01 PM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, करनाल
अमर उजाला/ब्यूरो, करनाल Updated Thu, 16 Oct 2014 11:01 PM IST
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शांति बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधीश बलराज सिंह ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 एवं विस्फोटक नियम 1983 के नियम 142 के तहत आदेश पारित किया है।

इसमें जिले के नगर निगम, नगरपालिका, घनी आबादी व तंग बाजारों में विस्फोटक आतिशबाजी की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश में कहा है कि आतिशबाजी जिनमें तेजी से चलने वाली सुरी, डे आउट व नाइट आउट एवं खतरनाक तरह के पटाखे जो 4-5 मीटर की ऊंचाई पर जाकर विस्फोट करते हैं व अन्य खतरनाक तरह के बम इत्यादि, करनाल शहर की हद में तथा असंध, इंद्री, घरौंडा, नीलोखेड़ी, तरावड़ी, निसिंग की हदों व जिला के अन्य क्षेत्रों में भी नहीं बेचे जा सकेंगे।

करनाल में यहां मिलेगी आतिशबाजी
आतिशबाजी की बिक्री तय स्थानों पर 21 से 23 अक्तूबर तक की जा सकेगी। इन स्थानों में करनाल के सेक्टर-12, हुडा क्षेत्र (बस स्टैंड के प्रस्तावित क्षेत्र), सेक्टर-16 दशहरा ग्राउंड  व सेक्टर-32 हुडा ग्राउंड शामिल हैं।

कस्बों में इन स्थानाें पर बिकेगी आतिशबाजी
इंद्री के तहसील कांप्लेक्स के पीछे ग्राउंड में, असंध में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय असंध,  घरौंडा में पुलिस स्टेशन के सामने पड़ी खाली जमीन में, नीलोखेड़ी में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दशहरा ग्राउंड, निसिंग में तहसील कांप्लेक्स ग्राउंड में व तरावड़ी के हुडा सेक्टर-1 के ग्राउंड में विस्फोटक की बिक्री करने के लिए लाइसेंस दिए जाएंगे। सभी लाइसेंस डीसी कार्यालय की ओर से जारी किए जाएंगे।
प्रत्येक आतिशबाजी विक्रेता को अपने स्टाल पर दो बडे़-बड़े पानी से भरे ड्रम और दो बुग्गी रेत आरक्षित रखनी होगा, ताकि आग लगने की सूरत में इनका प्रयोग किया जा सके। इसी प्रकार कोई भी व्यक्ति रात्रि 10 बजे से लेकर प्रात: छह बजे तक आतिशबाजी व विस्फोटक पटाखों की बिक्री नहीं कर सकेंगे और न ही आतिशबाजी की जा सकेगी। 

स्टॉल में हो 15 मीटर का फासला
हर दो बूथ या स्टाल के बीच कम से कम 15 मीटर का फासला होना चाहिए और आगे का फ्रंट भी कम से कम 15 मीटर खुला होना चाहिए। आदेशों में कहा गया है कि अस्थायी लाइसेंस होल्डर एक समय में केवल 25 किलो विस्फोटक पटाखा बिक्री का सामान रख सकता है, जबकि कोई व्यक्ति केवल आधा किलो विस्फोटक सामग्री लाइसेंसधारक व्यक्ति से खरीद सकता है। इन आदेशों में डीसी ने जिले की जनता से यह भी निर्देश दिए हैं कि वे रिहायशी, व्यावसायिक व भीड़ वाले क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री न चलाएं। 

लाइसेंस के लिए करें अप्लाई
आतिशबाजी की बिक्री तय स्थानों पर 21 से 23 अक्तूबर तक प्रात: 10 बजे से रात्रि आठ बजे तक की जा सकेगी। इच्छुक व्यक्ति अपना आवेदन पत्र नियमानुसार 18 अक्तू बर बाद दोपहर तीन बजे तक दे सकता है। उसके बाद कोई आवेदन नहीं लिया जाएगा। आगामी 20 अक्तूबर को प्रात: 11 बजे लघु सचिवालय स्थित सभागार में आवंटित किए जाने वाले स्टालों का ड्रा निकाला जाएगा। आवेदक संबंधित स्टालों की अलाटमेंट के लिए स्थानीय लघु सचिवालय के प्रथम तल पर स्थित कमरा नंबर 17 की एलपीए शाखा में आवेदन फीस करवा सकता है। आवेदन पत्र के साथ 10 रुपये के स्टांप पेपर पर स्थानीय नागरिक होना का प्रमाण पत्र देना होगा। जो नोटरी पब्लिक से सत्यापित होना जरूरी है, आवेदन के साथ राशन कार्ड व वोटर की फोटो प्रति भी लगाना जरूरी है।

आवेदक के लिए रखी पात्रता
जो व्यक्ति स्टॉल लगाने का इच्छुक है, उसके लिए पात्रता रखी गई है, जिसमें आवेदक की आयु 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। यदि स्टॉल पर 18 से कम आयु का बालक अथवा बालिका आतिशबाजी या पटाखे बेचते हुए पाए गए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दवाएं रखनी होगी
करनाल में आतिशबाजी की बिक्री के लिए निर्धारित किए गए स्थानों पर एंबुलेंस, डॉक्टरों की टीम तथा जीवन रक्षक दवाएं तैयार रखी जाएंगी। इसके अतिरिक्त किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस व डॉक्टरों की टीमें 24 घंटे तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।

अधिकारी करेंगे मौके का निरीक्षण

प्रतिदिन दो बार नगराधीश करनाल व ड्यूटी मजिस्ट्रेट अपने-अपने अधिकार कार्य क्षेत्र में लगने वाली सभी स्टालों का भौतिक निरीक्षण करेंगे कि किसी भी स्टाल पर 25 किलो से अधिक मात्रा में आतिशबाजी व पटाखे उपलब्ध नहीं होने चाहिए। जिले के अन्य तहसीलों व सब तहसीलों में अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा की व्यवस्था बनाए रखने का उत्तरदायित्व संबंधित तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार का होगा। यदि किसी भी दुकानदार के पास पुराना आतिशबाजी का अवैध स्टाक है तो वह तुरंत कार्यकारी अधिकारी नगर निगम करनाल के कार्यालय में जमा करवाएगा। शरारती तत्व तथा असामाजिक प्रकृति के  व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखने के लिए पुलिस कर्मचारी तैनात करेंगे।
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