मोदी का ये सपना हिमाचल ने किया साकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन-धन स्कीम के जरिये देश के हर परिवार को बैंक खातों से जोड़ने का लक्ष्य रखा है, उसका महत्व हिमाचल के कांगड़ा जिले ने पहले समझ लिया था।
कांगड़ा 94 फीसदी फाइनेंशियल इन्कलूजन के साथ देशभर में टॉपर है। मंडी, हमीरपुर, चंबा और कुल्लू जैसे जिलों में भी बैंक खातों की कवरेज 90 फीसदी से अधिक है।
2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर 2012 में यह रिपोर्ट आरबीआई ने जारी की थी। इसमें कांगड़ा जिला देशभर में प्रथम
और मणिपुर का तामेंगलोंग जिला अंतिम पड़ाव पर है।
इन्हीं आंकड़ों के आधार पर स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) ने राज्य के बैंकों के लिए आगामी लक्ष्य तय किए हैं। एसएलबीसी के अनुसार जून 2014 तक हिमाचल में 68 लाख की आबादी पर 1827 बैंक शाखाएं थीं।
68 लाख की आबादी पर 1827 बैंक शाखाएं
इन्हीं आंकड़ों के आधार पर स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) ने राज्य के बैंकों के लिए आगामी लक्ष्य तय किए हैं। एसएलबीसी के अनुसार जून 2014 तक हिमाचल में 68 लाख की आबादी पर 1827 बैंक शाखाएं थीं।
प्रति शाखा 3400 की आबादी पर थी। जबकि देशभर में 30 हजार पर एक बैंक शाखा का औसत है। वैसे बैंकों से जुड़ने के मामले में हिमाचल का रिकार्ड पहले से अच्छा है।
किसान क्रेडिट कार्ड, डाकघर बचत खातों और बैंक खातों आदि को मिला दिया जाए तो प्रदेश में 2007 से ही लक्ष्य को हासिल कर लिया गया था। इसके बाद 2011 की जनगणना के आंकड़ों से ये बात सामने आई कि प्रदेश में 2001 से 2011 के बीच फाइनेंशियल इन्कलूजन में 20 से 30 फीसदी की वृद्धि हुई।
जन-धन स्कीम का मकसद लोगों को बैंकों से जोड़ना है, ताकि सरकारी स्कीमों का सीधा लाभ उन तक पहुंचे और नेशनल डाटाबेस तैयार हो।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सचिवालय से करेंगे शुभारंभ
दिल्ली में नरेंद्र मोदी तो हिमाचल में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह जन-धन योजना का शुभारंभ करेंगे। हर राज्य में केंद्रीय मंत्री या मुख्यमंत्री इसे लांच करेंगे। एसएलबीसी ने इसके लिए दोपहर बाद 4 बजे सचिवालय में कार्यक्रम रखा है।
यहां प्रधानमंत्री का भाषण भी लाइव दिखाया जाएगा। हिमाचल में भी उन जिलों में ज्यादा फोकस किया जाएगा, जहां बैंक खातों का कवरेज कम है।
वरिष्ठ प्रबंधक राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी एमजे आम्ला ने बताया कि इस क्षेत्र में हिमाचल समेत तकरीबन हर पहाड़ी राज्य का पहले से अच्छा रिकार्ड है। दूरदराज के क्षेत्रों में ये सेवाएं बढ़ाने के लिए हमें कुछ विकल्प तलाशने हैं।