ट्रक हड़ताल में हस्तक्षेप करें मुख्यमंत्री : राकेश सिंघा
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माकपा विधायक राकेश सिंघा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से ट्रक हड़ताल मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। ठियोग से विधायक राकेश सिंघा ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि केंद्र सरकार के समक्ष
इस मामले को उठाते हुए ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के मुद्दों का प्राथमिकता पर समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टरों की मांगें जायज हैं। जीएसटी के तहत केंद्र और राज्य के करों में कमी करने की मांग की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस हड़ताल से हिमाचल प्रदेश के किसान बुरी तरह से प्रभावित हैं। प्रदेश में परिवहन का एकमात्र सड़क यातायात ही साधन है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने यह घोषणा की है कि सब्जियों, फलों और डेयरी उत्पादों को हड़ताल से दूर रखा जाएगा, लेकिन यह वास्तव में नहीं हो रहा है।
ऐसे में हिमाचल के किसान, मुख्य रूप से सब्जी और फल उत्पादक बुरी तरह से प्रभावित हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में सेब, नाशपाती की फसल तैयार है, लेकिन ट्रक उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण इन फसलों को विभिन्न मंडियों में नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
बागवानों का प्रतिनिधिमंडल बागवानी मंत्री से मिला
राज्य के प्रगतिशील बागवानों के प्रतिनिधिमंडल ने देश भर में ट्रकों की हड़ताल से पड़ रहे विपरीत असर का मामला बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह और कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा से उठाया है।
बागवानों के प्रतिनिधि सचिवालय में प्रधान सचिव बागवानी संजय गुप्ता और प्रधान सचिव कृषि सचिव ओंकार शर्मा से भी मिले। सरकार से मांग की कि बागवानों के हितों की रक्षा की जाए।
ट्रकों की हड़ताल खत्म कराने को हस्तक्षेप किया जाए। प्रदेश के एक लाख परिवार बागवानी पर आश्रित हैं। वीरवार को बागवानों ने मंत्रियों को सौंपे एक ज्ञापन में कहा कि ट्रकों की हड़ताल से प्रदेश के बागवानों और किसानों को फसलें मंडियों तक पहुंचाने में परेशानी हो रही है।
बागवान साल में सिर्फ सेब की फसल ही लेते हैं। उनका साल का खर्चा भी इसी से होता है। पिछले पांच दिन से न तो बागवानों को पैकिंग सामग्री मिल रही है, न फसलें मंडियों में भेज पा रहे हैं।
सेब और अन्य नकदी फसलों के खराब होने का संकट
हिमाचल प्रदेश फल, सब्जी एवं फूल उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान ने केंद्र सरकार से मांग की है कि देश में 93 हजार ट्रक मालिकों की हड़ताल खत्म कराने को तुरंत हस्तक्षेप करें।
जिस तरह से ट्रकों की हड़ताल लंबे समय से चली है, उससे सेब और अन्य नकदी फसलों के खराब होने का संकट खड़ा हो गया है। सेब की तैयार फसल समय पर मंडियों में न पहुंचाई गई तो फसल नष्ट हो जाएगी।
वर्तमान में चालीस हजार पेटी सेब रोज मंडियों में भेजी जा रही थीं, परंतु ट्रकों की हड़ताल ने संकट खड़ा कर दिया है। जुब्बल-कोटखाई के पूर्व विधायक रोहित ठाकुर और जुब्बल कोटखाई ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोती लाल केदारटा ने जारी
बयान में कहा कि प्रदेश के सेब बागवानों पर ट्रक हड़ताल का गलत असर पड़ा है। कें द्र और राज्य सरकार को ट्रकों की हड़ताल खत्म कराने को हस्तक्षेप करना चाहिए। हड़ताल जारी रहने से सेब की फसल तबाह हो जाएगी।