बैठक में सीएम जयराम से उलझे अनिल, बोले- मेरी खिंचाई करने से पहले अफसरों की खिंचाई करो साहब
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हिमाचल के मंडी जिले में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में अफसरशाही की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सदर के भाजपा विधायक अनिल शर्मा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से ही उलझ गए। बीच बैठक में बोलने की मंजूरी मांगते हुए अनिल कहने लगे कि बैठक में रखे करोड़ों के विकास के आंकड़े सिर्फ पेपरवर्क है। जमीनी हकीकत में कुछ नहीं हो रहा। यहां जीरो बजट वाली योजनाओं को भी वर्क इन प्रोग्रेस बताया जा रहा है। विभिन्न विभागों के अफसर सीएम और प्रदेश सरकार को भी अंधेरे में रख रहे हैं।
सीएम जयराम ठाकुर ने अनिल शर्मा पर तंज कसते हुए कहा कि स्थानीय प्रतिनिधि होने के नाते उनका भी यह फर्ज बनता है कि वह अपने क्षेत्र के विकास कार्यों की तरफ ध्यान दें और जहां कोई अड़चनें आ रही हैं उन्हें दूर करने में विभाग की मदद करें। करीब पांच मिनट तक तनातनी के बीच अनिल शर्मा ने यह तक कह डाला कि मेरी खिंचाई करने से पहले अफसरों की खिंचाई करो साहब। बाद में सीएम ने अलग विषय की चर्चा शुरू की, जिसके बाद माहौल शांत हो सका।
पार्किंग का क्यों शुरू नहीं हुआ काम
सकोड़ी पुल के पास बनने वाली पार्किंग का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया कि इसका निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इस पर लोक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारी ने जवाब दिया कि विकास कार्यों को लेकर पूरी गंभीरता से काम किया जा रहा है। पार्किंग वाले स्थान की मंजूरी आने में देरी हुई लेकिन पिछले कल ही हरी झंडी मिली है। अब कार्य शुरू कर दिया गया है।
बेटे के कांग्रेस में जाने के बाद छोड़ा था मंत्रिपद
अनिल शर्मा इसी सरकार में पहले मंत्री थे लेकिन लोकसभा चुनावों के दौरान उनके बेटे आश्रय शर्मा ने कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ा और अनिल शर्मा को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। मौजूदा समय में अनिल शर्मा भाजपा के विधायक जरूर हैं, लेकिन सिर्फ कहने मात्र के लिए। पार्टी ने उनसे अपना नाता पूरी तरह से तोड़ दिया है।