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धर्मपुर में सरकारी धन का दुरुप्रयोग, करवाई जाए जांच : सकलानी
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धर्मपुर (मंडी)। ग्राम पंचायत समौड़ के प्रधान प्रताप सकलानी ने आरोप लगाया कि जल शक्ति विभाग धर्मपुर भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। विभाग की ओर से खड्डों का तटीकरण करवाया जा रहा है। इसमें विभाग और ठेकेदारों की ओर से सरेआम सरकारी धन का मनमाने ढंग से दुरुपयोग किया जा रहा है।
प्रताप सकलानी ने कहा कि खड्डों के तटीकरण के लिए केंद्र सरकार के बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की ओर से 145 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई थी। इसमें ठोठु खड्ड, सक्रैण, मलहोड, समौड़ और जोल खड्डों का तट्टीकरण होना है। यहां क्रेटवाल लगाए जाने हैं लेकिन विभाग की ओर से राजनीतिक संरक्षण में मनमाने ढंग से इस धन का दुरुपयोग अन्य स्थानों पर किया जा रहा है।
कहा कि विभागीय पत्रों के अनुसार समौड़ और मलहोड खड्ड के लिए 22 करोड़ रुपये का टेंडर एमएस एचएस इंजीनियर एसोसिएट कंपनी को आवटिंत हुआ है। उन्होंने विभाग पर आरोप लगाया कि आज दिन तक समौड़ खड्ड पर एक रुपये का कार्य नहीं हुआ है। इसकी जांच करवाई जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो उन्हें मजबूरन उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री, जल शक्ति मंत्री से आग्रह किया कि इन कार्यों की जांच कर मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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कार्य नियमों के अनुसार हो रहे हैं, बाकी रिकाॅर्ड देखकर बताया जा सकता है।
-योगश कुमार, अधिशासीअभियंता, जल शक्ति विभाग धर्मपुर
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प्रताप सकलानी ने कहा कि खड्डों के तटीकरण के लिए केंद्र सरकार के बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की ओर से 145 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई थी। इसमें ठोठु खड्ड, सक्रैण, मलहोड, समौड़ और जोल खड्डों का तट्टीकरण होना है। यहां क्रेटवाल लगाए जाने हैं लेकिन विभाग की ओर से राजनीतिक संरक्षण में मनमाने ढंग से इस धन का दुरुपयोग अन्य स्थानों पर किया जा रहा है।
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कहा कि विभागीय पत्रों के अनुसार समौड़ और मलहोड खड्ड के लिए 22 करोड़ रुपये का टेंडर एमएस एचएस इंजीनियर एसोसिएट कंपनी को आवटिंत हुआ है। उन्होंने विभाग पर आरोप लगाया कि आज दिन तक समौड़ खड्ड पर एक रुपये का कार्य नहीं हुआ है। इसकी जांच करवाई जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो उन्हें मजबूरन उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री, जल शक्ति मंत्री से आग्रह किया कि इन कार्यों की जांच कर मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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कार्य नियमों के अनुसार हो रहे हैं, बाकी रिकाॅर्ड देखकर बताया जा सकता है।
-योगश कुमार, अधिशासीअभियंता, जल शक्ति विभाग धर्मपुर