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छात्रों ने टेट में गलत प्रश्नों पर उठाए सवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 01 Dec 2014 01:57 PM IST
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टीजीटी आर्ट्स अध्यापक पात्रता परीक्षा (टेट) में शामिल दो प्रश्नों पर प्रतिभागियों ने सवाल उठाए हैं। प्रश्नपत्र में दो प्रश्न ऐसे डाले गए थे, जिनके उत्तर गलत थे। रविवार को प्रदेश भर में हुए टीजीटी आर्ट्स टेट में ये दोनों प्रश्न चर्चा का विषय बन गए हैं।
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स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दोनों प्रश्नों के संबंध में विशेषज्ञ समिति गठित कर उसकी राय लेने की बात कही है। प्रश्न संख्या 68 में दी पोर्टरेट ऑफ ए लेडी इज रिटन वाई प्रश्न शामिल था। इसके जवाब में आवेदकों को चार विकल्प में से किसी एक को चुनना था। इसमें ए विकल्प में खुशवंत सिंह, बी में ओ. वाइल्ड, सी में मुलखराज आनंद और डी में रसकिन वांड का नाम था, जबकि इस पुस्तक को हेनरी जेम्स ने लिखा है।
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प्रश्न में इनमें से कोई नहीं का ही विकल्प नहीं था। प्रश्न संख्या 108 में सवाल पूछा गया कि गुट निरपेक्ष आंदोलन का पहला शिखर सम्मेलन कहां हुआ। विकल्प के रूप में ए यूगोस्लाविया, बी न्यूयार्क, सी कनाडा और डी जापान शामिल थे। शिखर सम्मेलन 1961 में सर्विया की राजधानी वेलग्रेट में हुआ था। दोनों प्रश्नों के दो अंक मिलने थे। यह परीक्षा 150 अंक की थी। सभी सवाल एक-एक अंक के थे। टेट सात साल के लिए वैद्य होता है।
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सात साल तक परीक्षा पास करने वाले आवेदक शिक्षक बनने के हकदार हो जाते हैं। परीक्षा उत्तीर्ण करने को आरक्षित श्रेणी के लिए 82 अंक, जबकि अनारक्षित श्रेणी के आवेदकों को 150 में से 90 अंक लेना जरूरी हैं। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव हरीश गज्जू का कहना है कि प्रश्नपत्र में कई बार गलतियां रह जाती हैं। इसके लिए बोर्ड एक्सपर्ट कमेटी बनाता है। कमेटी के सुझाव के अनुसार प्रश्न में अंक दिए जाते हैं। आवेदकों को घबराने की जरूरत नहीं है। इन दो प्रश्नों की वजह से किसी को नुकसान नहीं पहुंचेगा।