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हिमाचल: स्कूलों में हर दो साल बाद बदले जाएंगे मिड-डे मील प्रभारी, सरकार ने लिया फैसला
Sun, 22 Oct 2023 10:02 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 22 Oct 2023 10:02 AM IST
सार
पहली से आठवीं कक्षा के साढ़े पांच लाख विद्यार्थियों को इस योजना के तहत दोपहर का भोजन दिया जाता है। इस योजना के नए निर्देशों के बारे में एक्शन टेकन रिपोर्ट को गूगल शीट पर तलब किया गया है। इसे सरकार को भेजा जाएगा।
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मिड-डे मील योजना
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में स्कूलों में हर दो साल के बाद मिड-डे मील योजना के प्रभारी बदले जाएंगे। राज्य सरकार ने यह फैसला इस योजना में पारदर्शिता लाने के मद्देनजर लिया है। पहली से आठवीं कक्षा के साढ़े पांच लाख विद्यार्थियों को इस योजना के तहत दोपहर का भोजन दिया जाता है। इस योजना के नए निर्देशों के बारे में एक्शन टेकन रिपोर्ट को गूगल शीट पर तलब किया गया है। इसे सरकार को भेजा जाएगा।राज्य सरकार के प्रारंभिक शिक्षा निदेशक घनश्याम चंद ने इस संबंध में सभी उपनिदेशकाें को संबंधित आदेश जारी किए हैं। यह आदेश प्रारंभिक शिक्षा और उच्च शिक्षा के उपनिदेशकों को दिए गए हैं जो जिलों में विभाग का कामकाज देख रहे हैं।
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इसमें कहा गया है कि पीएम पोषण स्कीम यानी मिड-डे मील योजना को स्कूलों में पारदर्शिता के साथ लागू किया जाना चाहिए। यह तय किया गया है कि आगे से हर दो साल बाद के रोटेशन के बाद मिड-डे मील शिक्षक प्रभारी को बदल दिया जाएगा। यह नियम केवल उस स्कूल में लागू नहीं होंगे, जहां पर अकेला शिक्षक है। इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगला मिड-डे मील शिक्षक प्रभारी अपना मोबाइल नंबर इस योजना के टोल फ्री नंबर 15544 पर पंजीकृत करवाएगा। इस पत्र में यह भी कहा गया है कि कुछ स्कूल मिड-डे मील योजना के बारे में जारी निर्देशों की ठीक से अनुपालना नहीं कर रहे हैं। इसे सरकारी स्तर पर गंभीरता से लिया गया है। जो स्कूल इस संबंध में जारी दिशा-निर्देशों को लागू नहीं करेगा, ऐसे स्कूल प्रभारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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