{"_id":"eb9801728397bdc1856660cc5ec65add","slug":"metrocable-in-shimla-city-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब मेट्रोकेबल से होगी हिल्स क्वीन शिमला की सैर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब मेट्रोकेबल से होगी हिल्स क्वीन शिमला की सैर
उषा नेगी/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 02 Sep 2014 03:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिल्स क्वीन शिमला में कोलंबिया शहर और जम्मू कश्मीर की तर्ज पर लोग मेट्रोकेबल की सैर का लुत्फ लेंगे। इतना है नहीं सिटी के बढ़ते ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के साथ- साथ स्थानीय लोग और पर्यटक शहर के ऊपर से एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा कर पाएंगे।
विज्ञापन
इसके लिए शहरी विकास विभाग के 150 करोड़ रुपये के मेट्रोकेबल प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है। विभाग ने इसके लिए अब बिडिंग की प्रक्रिया शुरू कर ली है। विभाग ने बिडिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मेट्रोकेबल एक गंडोला यानि लिफ्ट प्रणाली है।
विज्ञापन
तार के माध्यम से स्वाचालित तरीके से इस पार से उस पार जाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसकी शुरूआत दक्षिण अमेरिका की मेडलिन सिटी से हुई। मेडलिन की सिटी काउंसिल ने इसे शहर वासियों को यातायात के लिए अतिरिक्त सुविधा मुहैया करवाने के उद्देश्य से शुरू किया है।
विज्ञापन
इन स्थानों से लगेगी मेट्रोकेबल
शिमला के प्रमुख स्थानों पर मेट्रोकेबल की सुविधा मिलेगी। टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर टूटीकंडी से होटल फरहिल तक। फरहिल होटल से लिफ्ट की पार्किंग तक और पार्किंग से पीसी चैंबर तक मेट्रोकेबल लगाई जाएगी। इसके अलावा टूूटीकंडी बस स्टैंड से आने वाले यात्रियों के लिए होटल फरहिल तक पहुंचने के लिए लिफ्ट लगाई जाएगी।
बिना प्रदूषण दौड़ेगा ई-रिक्शा
राजधानी में प्रदूषण रहित गाड़ियां चलाने की तैयारियों में नगर निगम जुट गया है। निगम ने ई रिक्शा, ई- बस और गोल्फ कार्ट में से एक चलाने की योजना तैयार की है। योजना के तहत नगर निगम ने एक्सप्रेशन आफ इंटरस्ट डॉक्यूमेंट तैयार किया है। मामले की फाइल महापौर संजय चौहान को भेजी गई है। महापौर से स्वीकृति मिलते ही आगामी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
यातायात के इन तीनों साधनों को लेकर परिवहन विभाग से भी नगर निगम राय ले रहा है। निगम आयुक्त अमरजीत सिंह ने मामले की पुष्टि की है। लिफ्ट से छोटा शिमला, लक्कड़ बाजार से संजौली और ताराघर से बालूगंज तक इन्हें चलाया जाएगा। चयनित किए गए यातायात के यह साधन बैटरी चलित हैं। इससे प्रदूषण नहीं फैलता। दो से लेकर 12 सवारियां तक इसमें बैठ सकती हैं।
योजना के तहत नगर निगम ने एक्सप्रेशन आफ इंटरस्ट डॉक्यूमेंट तैयार किया है। मामले की फाइल महापौर संजय चौहान को भेजी गई है। महापौर से स्वीकृति मिलते ही आगामी कार्रवाई शुरू की जाएगी। यातायात के इन तीनों साधनों को लेकर परिवहन विभाग से भी नगर निगम राय ले रहा है। निगम आयुक्त अमरजीत सिंह ने मामले की पुष्टि की है।