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टांडा में मेंटल हेल्थ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को मंजूरी, पहली किस्त जारी
ब्यूरो/अमर उजाला, बिलासपुर
Updated Wed, 25 Jan 2017 09:50 AM IST
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मेंटल हेल्थ के क्षेत्र में राज्य में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज टांडा कांगड़ा को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के लिए 31.45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत दिसंबर 2016 को प्रदेश सरकार के लिए 6 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी हो चुकी है।
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यह जानकारी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दी। उन्होंने कहा कि यह सहायता राशि बुनियादी ढांचे एवं मानव संसाधन संबंधी कार्यों को योजना अवधि के अंतर्गत सुचारु रूप से चलाने के लिए मंजूर की गई है। अस्पताल में मानसिक रोगी मरीजों को 100 बेड की सुविधा मिलेगी। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सक भी सेवाएं देंगे।
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इसके अलावा अतिरिक्त स्टाफ भी रखा जाएगा। मरीजों के लिए इंडोर और ओपीडी सुविधा रहेगी। इसके अलावा अन्य मानसिक बीमारियों का समाधान भी किया जाएगा। इससे पहले मरीजों को इलाज के लिए मेंटल अस्पताल अमृतसर में इलाज के लिए जाना पड़ता था। यहां पर मानसिक रोगियों का नवीन पद्धति से भी इलाज किया जाएगा।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) टांडा में स्थापित किया जाना है। कहा कि भाजपा प्रदेश के सभी क्षेत्रों के विकास को प्रतिबद्ध है। नड्डा ने हिमाचल वासियों को पूर्ण राज्यत्व दिवस पर भी बधाई दी है। कहा कि हिमाचल में राज्य की भौगोलिक स्थिति अनुकूल न होते हुए भी लोगों ने कठिन परिश्रम करते हुए राज्य को गौरवान्वित किया है। इसीलिए हिमाचल दूसरे राज्यों के लिए आदर्श के रूप में उभरकर आया है।
मंत्री ने कहा कि इसका अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि हिमाचल को भी उसी श्रेणी में रखा गया है, जिसमें पूर्वोत्तर राज्य हैं। इसमें केंद्रीय योजनाओं के अंतर्गत हिमाचल भी 90:10 के अनुपात में केंद्रीय धन प्राप्त कर रहा है। बताया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य में चहुंमुखी विकास के लिए 61 नए राष्ट्रीय राजमार्गों, मौजूदा तीन राष्ट्रीय राजमार्ग को चार, लेन एम्स और आईआईएम जैसे संस्थानों की स्थापना की गई है।