नगर निगम ने दी हजारों परिवारों को दिवाली की सौगात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सालों पहले घरों में लगे पानी के मीटरों को नगर निगम फ्री में बदलेगा। एमसी दावा कर रहा है कि जनवरी माह के अंत तक सभी मीटरों के स्थान पर अब ऑटोमेटिक मीटर में लगाए जाएंगे। मीटर के बदल जाने के बाद उपभोक्ता को उतना ही पानी का बिल चुकाना पड़ेगा, जितना पानी वो इस्तेमाल करेगा।
नगर निगम दावा कर रहा है कि मीटरों के बदल जाने के बाद किसी भी उपभोक्ता को फिक्स बिल जारी नहीं किया जाएगा। यह फैसला शुक्रवार को नगर निगम शिमला की बैठक में लिया गया। हालांकि, इससे पहले भी एमसी कई बार मीटरों को बदलने का दावा कर चुका है। नगर निगम आयुक्त पंकज ने बताया कि जल्द ही मीटर बदलने के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर टेंडर आवंटित कर दिए जाएंगे।
मीटर रीडिंग के हिसाब से आएगा बिल
शहर में जैसे ही पानी के पुराने मीटरों को ऑटोमेटिक मीटर में बदला जाएगा। सीधे तौर पर उन लोगों को इसका फायदा मिलेगा जिनके घरों में पानी का इस्तेमाल कम होता है। इन मीटरों के लगने से लोगों को पहले जैसे औसत बिल के बदले मीटर रीडिंग के हिसाब से उतना बिल जारी होगा, जितना उपभोक्ताओं की ओर से पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
शहर में पानी और सीवरेज लीकेज जल्द होगी दूर
राजधानी शिमला की जनता को पिछले कई सालोें से पानी की किल्लत और सीवरेज की लीकेज से फैल रही गंदगी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पानी और सीवरेज लीकेज की समस्या को दूर करने के लिए वित्त बैठक में प्रस्ताव पास हुआ था कि शहर में जितने भी वार्डों में पानी और सीवरेज के लीकेज की दिक्कत है।
उसकी मरम्मत की जाए और जिस क्षेत्र में सीवरेज लाइन ही नहीं है वहां पर सीवरेज की नई लाइन बिछाई जाए। इस पर मासिक बैठक में निर्णय लिया गया कि जल्द से जल्द शिमला के लिए पेयजल परियोजनाओं से आने वाली पानी की पाइप लाइनों और शहर से जाने वाली सीवरेज लाइन की मरम्मत की जाएगी और जहां नई लाइनें बिछाने की जरूरत है वहां नई लाइन बिछाई जाएगी।
97 लाख से सुधरेंगे शहर के शौचालय
शहर के सार्वजनिक शौचालय की हालत बहुत ही खस्ता है, यही वजह है कि कोई भी कंपनी इन शौचालयों को चलाने का जिम्मा नहीं लेने के लिए तैयार नहीं है। इन शौचालयों के रखरखाव का जिम्मा पहले सुलभ इंटरनेशनल कंपनी के पास था, उसके बाद एमसी ने टेंडर किया और अब कोई भी कंपनी इसका रख रखाव नहीं कर रही है। मासिक बैठक में यह निर्णय भी पास किया गया कि 97 लाख से शहर के सभी सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत की जाएगी।
फिर लटका गरीबों के घरों का मामला
बैठक में पार्षदों ने ढली के पास बने गरीबों के लिए घरों का मामला उठाया गया लेकिन वह फिर से लटक गया। इस मामले पर पार्षादों ने सुझाव दिया कि की गरीबों से किस्तों में मकान के पैसे लिए जाएं। काफी समय तक इस पर बैठक में चर्चा होती रही लेकिन कुछ फैसला नहीं हो सका।
कमिश्नर को सम्मानित करेगा नगर निगम
नगर निगम कमिश्नर पंकज राय दिल्ली ट्रांसफर हो गए हैं, कुछ ही दिनों में वो दिल्ली चले जाएंगे। सेवाओं के लिए नगर निगम के पार्षद, मेयर, अधिकारी और कर्मचारी उन्हें सम्मानित करेगा।