फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   mc shimla will fine builders for not painting their roofs.

शिमला के 500 भवनमालिकों पर 50 हजार जुर्माना, जानें क्यों?

Sat, 06 Jun 2015 10:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 06 Jun 2015 10:00 AM IST
विज्ञापन
mc shimla will fine builders for not painting their roofs.

राजधानी शिमला में करीब 500 भवन मालिकों ने छतों को रंग नहीं किया है। नौ जून तक सभी वार्डों में नगर निगम निरीक्षण कर अंतिम सूची तैयार करेगा। नियमों को नहीं मानने वाले लोगों पर 50 हजार रुपये जुर्माना किया जाएगा। वार्डों में निरीक्षण के लिए एमसी ने स्टाफ की तैनाती कर दी है।

विज्ञापन


नौ जून को आदेश नहीं मानने वाले लोगों की अंतिम सूची बनाने के आदेश दिए हैं। निगम आयुक्त पंकज राय ने बताया है कि करीब 400 लोगों ने नगर निगम से संपर्क कर छतें रंगने का प्रमाण दिया है। इन लोगों के नाम सूची से काट दिए गए हैं। नौ जून को अंतिम सूची तैयार कर ली जाएगी।
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने त्रिशा शर्मा बनाम राज्य सरकार के केस नंबर 956/2003 की सुनवाई करते हुए छतों को लाल या हरे रंग से रंगने के आदेश दिए थे। नगर निगम के बिल्डिंग बॉयलाज 1998 में भी इसका उल्लेख है। साल 2006 के दौरान हाईकोर्ट के आदेशों के चलते समूचे शहर में छतों को रंगने की मुहिम शुरू हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


लेकिन बीते सालों में निरीक्षण नहीं करने के चलते यह अभियान अधर में छूट गया था। जिसे नगर निगम ने दोबारा शुरू किया है। एक मई को नगर निगम ने करीब 900 भवन मालिकों को नोटिस जारी किया था। इनमें से करीब 400 लोगों ने छतों को रंग कर दिया है, शेष 500 लोग अभी भी आदेशों को नहीं मान रहे हैं। ऐसे में नगर निगम प्रशासन ने आठ जून तक सभी छतों को मुआयना करने का फैसला लिया है। नौ जून को अंतिम सूची तैयार होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed