एमसी शिमला की मासिक बैठक: लैब खोलने से पहले बढ़ाए टेस्ट के रेट, सदन में कृष्णानगर की सफाई व्यवस्था पर बरपा हंगामा
नगर निगम शिमला ने लैब में होने वाले टेस्ट की नई दरें तय कर दी हैं। नई दरें पुरानी से 10 से 30 फीसदी ज्यादा हैं। हालांकि, निजी लैब की तुलना में यह दरें काफी कम हैं। नगर निगम की इस लैब में ब्लड, लिपिड के 24 तरह के टेस्ट की सुविधा मिलेगी।
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के रानी झांसी पार्क में खुलने वाली नगर निगम की लैब में शहरवासियों को स्वास्थ्य जांच करवाना अब पहले से महंगा पड़ेगा। नगर निगम ने लैब में होने वाले टेस्ट की नई दरें तय कर दी हैं। नई दरें पुरानी से 10 से 30 फीसदी ज्यादा हैं। हालांकि, निजी लैब की तुलना में यह दरें काफी कम हैं। नगर निगम की इस लैब में ब्लड, लिपिड के 24 तरह के टेस्ट की सुविधा मिलेगी। नई दरें आईजीएमसी अस्पताल के बराबर रखी हैं। महापौर सत्या कौंडल की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई नगर निगम की मासिक बैठक में लैब में दी जाने वाली टेस्ट सुविधाओं के बारे में चर्चा की गई। प्रशासन ने बताया कि करीब छह साल से बंद पड़ी लैब अब फिर खोली जा रही है। नगर निगम ने आखिरी बार साल 2010 में टेस्ट की दरें तय की थीं। साल 2016 तक इन्हीं दरों पर टेस्ट की सुविधा दी जा रही थी। अब आईजीएमी ने भी बीते साल टेस्ट की दरें बढ़ा दी हैं। टेस्ट उपकरण और केमिकल महंगे होने से अब नगर निगम भी नई दरें लागू करेगा। ये दरें अभी भी बाजार से काफी कम रखी गई हैं।
30 जून तक जमा करवा सकेंगे टैक्स
नगर निगम सदन ने शहरवासियों को प्रॉपर्टी टैक्स के बिल जारी करने की समयावधि 30 जून तक बढ़ाने को मंजूरी दी। लोग बिल मिलने के बाद 15 दिन के भीतर भुगतान करने पर 10 फीसदी छूट ले सकते हैं। शहर में अब तक पांच हजार भवन मालिकों को बिल जारी हुए हैं। 24 हजार को अब जारी होंगे।
50 कर्मी और 34 चालक होंगे भर्ती
शहर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए खाली पदों पर आउटसोर्स आधार पर 50 कर्मचारी और 34 चालक रखने को भी मंजूरी मिल गई है। कैलस्टन और समरहिल में बने सामुदायिक केंद्र ठेके पर देने को मंजूरी मिल गई है। इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अधिकतम बोली लगाने वाले ठेकेदार इनका संचालन करेंगे। लोगों को पांच हजार रुपये प्रतिदिन शुल्क के हिसाब से इनकी सुविधा मिलेगी। रिवोली रोड पर दोपहिया वाहनों की पार्किंग भी ठेके पर दी गई है।
किस टेस्ट का क्या शुल्क रहेगा
टेस्ट पुराना शुल्क(2016) नया शुल्क(2022)
एलएफटी -- 110 रुपये
एसजीओटी 25 रुपये 35 रुपये
एसजीपीटी 25 रुपये 35 रुपये
विडाल टेस्ट 100 रुपये 110 रुपये
क्रिटनाइन 40 रुपये 45 रुपये
यूरिक एसिड 40 रुपये 45 रुपये
लिपिड प्रोफाइल 200 रुपये 220 रुपये
यूरिन टेस्ट 25 35 रुपये
कंपलीट हीमोग्राम -- 130 रुपये
कोलेस्ट्रोल 25 रुपये 60 रुपये
ब्लड शुगर 25 रुपये 35 रुपये
स्टूल टेस्ट 20 रुपये 25 रुपये
एलडीएल 100 रुपये 170 रुपये
एचडीएल 50 रुपये 170 रुपये
एमसी के सदन में कृष्णानगर की सफाई व्यवस्था पर बरपा हंगामा
वहीं, नगर निगम की मासिक बैठक में शुक्रवार को जमकर हंगामा बरपा। सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कृष्णानगर से भाजपा पार्षद बिट्टू पाना बैठक शुरू होते ही सदन के बीच आकर मेयर के सामने धरने पर बैठ गए। बोले, पांच साल बहुत सह लिया, अब सहन नहीं होगा। भाजपा पार्षद ने उनके वार्ड से भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए अफसरों को घेरा। कहा कि नाले कचरे से भरे हैं लेकिन अफसर फोन तक नहीं उठाते। वार्ड में आरक्षित वर्ग की ज्यादा आबादी है, शायद इसलिए निगम यहां सफाई नहीं करवाता। कहा कि शुक्रवार को कृष्णानगर में एक गरीब व्यक्ति का ढारा जल गया। कचरे में लगी आग से ढारा जला। बोले, नगर निगम नाले पक्के करने के दावे छोड़कर कम से कम इनकी सफाई तो करवाए। चेतावनी दी कि यदि दो दिन में नाले साफ नहीं किए तो नगर निगम दफ्तर के बाहर भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
मेयर ने पार्षद को समझाने की कोशिश की। नहीं मानें तो 2:50 बजे सदन दस मिनट के लिए स्थगित कर दिया। तीन बजे सदन दोबारा शुरू हुआ तो पार्षद फिर सवाल पूछने लगे। डिप्टी मेयर शैलेंद्र चौहान ने कहा कि पार्षद सही कह रहे हैं। वह आगजनी की घटना का जायजा लेने कृष्णानगर गए थे। यहां गंदगी और बदबू इतनी ज्यादा थी कि उन्हें उल्टियां हो गईं। पार्षदों को भी सफाई अभियान चलाने चाहिए। निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चेतन चौहान ने कहा कि सफाई अभियान चलाकर कृष्णानगर के नालों से 300 टन कचरा निकाला है। आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि पार्षद के साथ शनिवार को निगम की टीम मौके पर आएगी और सफाई करेगी।
कमल के फूल वाला गेट लगाने पर हंगामा
भाजपा पार्षद के शांत होते ही कांग्रेसी पार्षदों ने शांति विहार वार्ड में कमल के फूल वाला गेट लगाने पर हंगामा कर दिया। सभी कांग्रेसी पार्षद मेयर के सामने आ गए और धरने पर बैठ गए। यहां मेयर से तीखी नोंकझोंक भी हुई। स्थानीय पार्षद शारदा चौहान ने कहा कि उनसे बिना पूछे निगम ने कमल वाला गेट लगाया। हंगामा बढ़ता देख मेयर ने 3:10 बजे फिर सदन स्थगित कर दिया। 3:25 बजे सदन दोबारा शुरू हुआ लेकिन कांग्रेसी पार्षद फिर मेयर के सामने खड़े हो गए। मेयर बोली, कमल हमारा राष्ट्रीय फूल है, इसकी बेइज्जती सहन नहीं होगी। कहा कि गेट में कौन सा फूल लगा है, उन्हें नहीं पता। मेयर को घिरता देख भाजपा पार्षद भी बचाव में उतरे। 20 मिनट तक मेयर की कुर्सी के पास हंगामा चलता रहा।