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अधिसूचना जल्द, मई के आखिरी हफ्ते हो सकते हैं नगर निगम चुनाव
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 01 May 2017 10:52 AM IST
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शिमला नगर निगम के चुनाव मई के आखिरी हफ्ते में हो सकते हैं। रोस्टर जारी होने के बाद चुनाव की अधिसूचना मई के पहले सप्ताह में कभी भी हो सकती है। संभव है कि उस दिन रविवार है। मौजूद नगर निगम सदन का कार्यकाल पांच जून को पूरा हो जाएगा। इधर, नगर निगम चुनाव का रोस्टर जारी होने के बाद कांग्रेस और बीजेपी ने प्रत्याशियों को मैदान में उतारने के लिए माथापच्ची शुरू कर दी है।
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रविवार को कांग्रेस मुख्यालय में चुनावी रणनीति तैयार कर जिताऊ प्रत्याशियों को समर्थन देने की बात कही तो दूसरी ओर भाजपा ने ऐसे प्रत्याशियों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रविवार को जहां कांग्रेस के नेता मुख्यालय में बैठकों का दौर करते रहे वहीं भाजपा ने शहर के विधायक के साथ रूलद्भटटा वार्ड में जाकर कार्यकर्ता के साथ बैठक की और आम जनता की समस्याओं को सुना।
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हालांकि दोनों ही मुख्य राजनीतिक संगठनों को राजनीति में सक्रिय महिला प्रत्याशियों को खोज निकालने में काफी पसीना बहाना पड़ रहा है। इस नगर निगम चुनाव में 17 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित है। गिनती के वार्डों को छोड़कर अधिकांश वार्डों में कांग्रेस और भाजपा के पास कोई भी मजबूत प्रत्याशी नहीं है। रोस्टर जारी होने के बाद बड़ा झटका कांग्रेस को लगा है।
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पूर्व डिप्टी मेयर शशि शेखर चिन्नू , सुरेंद्र ठाकुर , सुशांत कपरेट , नरेंद्र ठाकुर और आलोक पठानिया के वार्ड आरक्षित हो गए हैं। दूसरा विकल्प इनके सामने नहीं है। कांग्रेस इन्हें दूसरे वार्डों से उतारने का भी रिस्क नहीं ले सकती क्योंकि वहां पहले से मौजूद संभावित प्रत्याशी विरोध का बिगुल बजा सकते हैं। इसी तरह बीजेपी के पार्षदों में मनोज कुठियाला और अनूप वैद्य का वार्ड भी आरक्षित हो गया है।
मनोज कुठियाला मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के जाखू वार्ड से पार्षद है और दो बार लगातार इस वार्ड से जीत हासिल कर चुके हैं। तीसरी बार भी यह दम खम के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे थे लेकिन रोस्टर ने इनके कदम थाम दिए।
सीएम का वार्ड महिला के लिए आरक्षित है अब यहां कांग्रेस और भाजपा दोनों ही यहां सशक्त महिला उम्मीदवार को उतारने के लिए प्रत्याशी की खोज में जुट गई है। दो बार मुंह की खाने वाली कांग्रेस यहां पर फिर से अपना कब्जा जमाना चाहेगी तो वहीं बीजेपी भगवा लहरा कर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संकेत देना चाहेगी। लिहाजा इस वार्ड का चुनाव दोनों ही राजनीतिक दलों के लिए अहम होगा।