अक्तूबर में हुई बर्फबारी से जम गई मणिमहेश की पवित्र डल झील
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अक्तूबर महीने के शुरू में ही हुई बर्फबारी के बाद मणिमहेश की पवित्र डल झील जम गई है। डलझील के इर्द-गिर्द सात से 10 सेंटीमीटर ताजा हिमपात हुआ है। मणिमहेश यात्रा अगस्त में खत्म हो चुकी है, जबकि अभी कई श्रद्धालु मणिमहेश यात्रा पर जा रहे हैं।
दो स्थानीय ढाबा संचालक मणिमहेश यात्रा के दौरान रास्ते में खाने-पीने की व्यवस्था कर रहे हैं। बीते शुक्रवार को कोलकाता से नौ सदस्यों का दल यात्रा से लौटा था। शिमला के ठियोग से दस लोगों का जत्था डल झील के लिए रवाना हुआ था।
सितंबर और अक्तूबर में मौसम काफी सुहाना रहता है। शिव भक्त और ट्रैकर इसी समय को डलझील में जाने के लिए चुनते हैं। धन्छौ में ढाबा लगाने वाले व लोकल गाइड पप्पू शर्मा बताते हैं कि वह मई में धन्छौ में अपना ढाबा लगाते हैं। दिवाली तक इसी स्थान पर रहते हैं।
डल झील में मणिमहेश के पुजारी व ढाबा मालिक खेमराज शर्मा बताते हैं कि दीपावली तक शिव भक्त यात्रा पर जाते हैं। 33 बार मणिमहेश यात्रा कर चुके तथा सभी कैलाश की यात्रा कर चुके महेश नाग (पालमपुर) बताते हैं जो आनंद मणिमहेश यात्रा पर आता है, शायद वह दूसरी यात्रा पर नहीं आता।
प्रदेश भर में खिली धूप, रोहतांग दर्रा बहाल
वहीं, मानसून के विदा होने के साथ ही हिमाचल में मौसम साफ होना शुरू हो गया है। शनिवार को शिमला सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। धूप खिलने से अधिकतम तापमान से एक से दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई। वहीं, रोहतांग दर्रा तीन दिन के बाद यातायात के लिए बहाल हो गया है। बर्फबारी के कारण दर्रे से बसों की आवाजाही बंद हो गई थी।
शनिवार को ऊना में अधिकतम तापमान 31.9, कांगड़ा में 29.0, भुंतर में 28.0, सुंदरनगर में 27.7, नाहन में 27.1, चंबा में 26.5, सोलन में 25.5, धर्मशाला में 23.4, शिमला में 21.5, कल्पा में 19.4, केलांग में 16.9 और डलहौजी में 16.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार को भी प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान जताया है।