Mandi Cloud Burst: मुख्यमंत्री सुक्खू के सामने छलके लोगों के आंसू, बोले-मंदिर की सराय में कट रही रात
मंडी जिले के लौंगणी पंचायत के रैंबला वार्ड के तहत आने वाले स्याठी गांव के आपदा प्रभावितों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को अपना दर्द बताया।
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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के लौंगणी पंचायत के रैंबला वार्ड के तहत आने वाले स्याठी गांव के आपदा प्रभावितों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को अपना दर्द बताया। आपदा के कहर से बेघर हुए लोगों की आंखों में आंसू छलक आए। मंदिर की सराय में शरण लेने वाले इन आपदा प्रभावितों ने बताया कि बड़ी मेहनत से उन्होंने घर बनाए थे। आपदा ने उनका सब छीन लिया। उनको अब आगे की चिंता सताने लगी है।
दोबारा घर बनाने के लिए पूंजी नहीं है और न ही सुरक्षित जमीन बची है। जो कपड़े तन पर पहने हैं, अब केवल वही शेष हैं। जीवन भर की कमाई से बनाए घर आपदा में जमींदोज हो गए। त्रैबला वार्ड के स्याठी गांव में करीब 18 परिवार बेघर हो गए हैं। बेघर लोगों ने बताया कि उनकी जीवन भर की कमाई आपदा में नष्ट हो गई है। अब उनके पास न तो जमीन है और न ही पैसा है। अगर सरकार उनकी सहायता करती भी है तो वह घर कहां बनाएंगे।
जो दृश्य देखे, वह झकझोर देने वाले : सुक्ख
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में लिखा-मंडी जिले में आपदा से प्रभावित क्षेत्रों का जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया। यहां जो दृश्य मैंने देखे, वे भीतर तक झकझोर देने वाले हैं। उजड़े घर, टूटी सड़कें, सदमे में परिजन और हर ओर फैला दर्द जिसे शब्दों में बांध पाना मेरे लिए बेहद कठिन है। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, कई की जीवन भर की पूंजी पल भर में मिट्टी में मिल गई। राज्य सरकार इस कठिन समय में आपके साथ खड़ी है। आपका दुख, मेरा अपना दुख है। मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं- हम सब मिलकर इस संकट से जरूर उबरेंगे।