फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   mandi accident: report revealed that Larji project was reponsible for this tregedy

मंडी हादसे के लिए लारजी प्रोजेक्ट जिम्मेदार

Fri, 20 Jun 2014 03:32 PM IST
Updated Fri, 20 Jun 2014 03:32 PM IST
विज्ञापन
mandi accident: report revealed that Larji project was reponsible for this tregedy

हैदराबाद से घूमने आए 24 छात्रों और एक टूर गाइड की जान लेने वाले हादसे के लिए मंडलायुक्त मंडी ने बिजली बोर्ड के लारजी प्रोजेक्ट को दोषी ठहराया है। मंडलायुक्त ओंकार शर्मा की जांच रिपोर्ट वीरवार को हाईकोर्ट में रखी गई।

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने हिमाचल सरकार को रिपोर्ट पर कार्रवाई के लिए 3 दिन का समय दिया है। हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से आगामी 23 जून तक रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन


खंडपीठ ने वीएनआर विज्ञान ज्योति इंजीनियरिंग कॉलेज हैदराबाद को आदेश दिए हैं कि वह शपथ पत्र के माध्यम से अदालत को बताए कि छात्रों का शैक्षणिक टूअर किसकी अनुमति से बनाया गया था और छात्रों के अभिभावकों को इस बारे बताया गया था या नहीं?
विज्ञापन
विज्ञापन

मंडलायुक्त ने दी है ये रिपोर्ट

mandi accident: report revealed that Larji project was reponsible for this tregedy

मंडलायुक्त ने कहा है कि हादसे के दिन 8 जून की शाम को लारजी प्रोजेक्ट से चार बार पानी छोड़ा गया। 6 बजे 20 क्यूमैक्स, 6.15 पर 50 क्यूमैक्स, 6.45 पर 150 क्यूमैक्स, 7.00 बजे 450 क्यूमैक्स पानी डैम से छोड़ा।

अदालत को बताया गया कि बैराज कंट्रोल रूम के अधिकारी छोड़े गए पानी की मात्रा का अनुमान लगाने में पूरी तरह नाकाम रहे वर्ना 16 मिनट के भीतर 430 क्यूमैक्स पानी छोड़ने की जरूरत नहीं थी।

आरबिट्रेशन एंड मेंटेनेंस डिविजन थलौट में एएई, एसडीओ, सीनियर इंजीनियर जैसे अफसरों ने पावर हाउस की ओर से दिए गए संदेश पर समय रहते कार्रवाई नहीं की, जिससे डैम से ज्यादा पानी छोड़ना पड़ा।

केवल सरकारी प्रोजेक्टों में लोड शेडिंग क्यों?

mandi accident: report revealed that Larji project was reponsible for this tregedy

डिवीजनल कमीश्नर ने रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला तथ्य भी अदालत के सामने लाया है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में चल रहे बिजली प्रोजेक्टों को लोड शेडिंग के निर्देश नहीं थे।

इनका बिजली उत्पादन उस समय पूरी क्षमता पर था, जब लारजी को उत्पादन घटाने के आदेश हुए। सरकारी क्षेत्र में चल रहे लारजी और भावा प्रोजेक्टों में ही लोड शेडिंग हुई।

बांध से पानी छोड़ने के कारण होने वाले नुकसान पर प्रोजेक्ट अथॉरिटी ने कोई एहतियाती कदम नहीं उठाए और ये हादसा हुआ।

न चेतावनी सायरन था और न ही साइन बोर्ड

mandi accident: report revealed that Larji project was reponsible for this tregedy

जांच रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि बाहर से आने वाले पर्यटकों की जानकारी और चेतावनी के लिए दुर्घटना के स्थान पर कोई वार्निंग सिस्टम नहीं था।

न ही कोई साइन बोर्ड लगाया गया है। प्रोजेक्ट में लगा सायरन सिस्टम भी भरोसेमंद नहीं है। यह निर्धारित सीमा तक भी आवाज नहीं पहुंचा पाता।

हालांकि इससे पहले लारजी प्रोजेक्ट प्रबंधन, बिजली बोर्ड और ऊर्जा विभाग की ओर से दावा किया जाता रहा है कि पानी छोड़ने से पहले सायरन बजाया गया था।

रिपोर्ट में ‘अमर उजाला’ का वीडियो भी

mandi accident: report revealed that Larji project was reponsible for this tregedy

ओंकार शर्मा ने कुल 93 पन्नों की रिपोर्ट दी है। इसमें 86 पन्नों में रिपोर्ट और शेष पेज तालिका के हैं। ‘अमर उजाला’ की ओर से सामने लाया गया इस हादसे का वीडियो भी जांच का आधार बना है। इसकी सीडी को जांच अधिकारी ने रिपोर्ट में अटैच किया है। इसी आधार पर ये साबित किया गया है कि महज 2 मिनट में कैसे नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा था। इसमें गवाह के तौर पर 13 लोगों के बयान भी दर्ज हैं।

जांच रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि डैम से पानी छोड़ने से पहले लोगों को चेतावनी देने के लिए सायरन सिस्टम की जगह पर पब्लिक अड्रेस सिस्टम हो और पानी छोड़ने से आधा घंटा पहले सायरन बजाए जाने चाहिए। नदियों के किनारे बनाए गए अस्थायी रास्ते और माइनिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। रिपोर्ट में ये भी सुझाव है कि मंडी से मनाली तक संवेदनशील स्थलों पर लोगों की आवाजाही को बंद किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed