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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Manav Bharti University solan have permission for 13 degree courses

मानव भारती विवि को सिर्फ 13 डिग्रियों को चलाने की थी अनुमति

Thu, 19 Mar 2020 12:57 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, सोलन
अमर उजाला नेटवर्क, सोलन Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 19 Mar 2020 12:57 PM IST
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Manav Bharti University solan have permission for 13 degree courses
फर्जी डिग्री मामले में शामिल महिला कर्मी को अदालत में पेश करने ले जाती पुलिस टीम। - फोटो : अमर उजाला

फर्जी डिग्री प्रकरण में घिरी मानव भारती विवि को लेकर एक और खुलासा हुआ है। मानव भारती को वर्ष 2019-20 में राज्य सरकार की ओर से 13 डिग्रियों को चलाने की ही अनुमति थी। इन डिग्रियों के लिए सरकार की ओर से बाकायदा फीस तय की गई थी, साथ ही यह भी निर्देश जारी हुए थे कि वार्षिक शुल्क को दो भागों में ही लिया जा सकेगा।

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ऐसे में विवि प्रबंधन न तो इस फीस से अधिक वसूली कर सकता था और न ही निर्धारित कोर्स के बाहर जाकर किसी को डिग्री दे सकता था। पुलिस अब इस खुलासे के बाद पिछले दो सालों में बांटी गई डिग्रियों और छात्रों से वसूली गई फीस की भी जांच कर रही है।
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वर्ष 2019-20 के लिए राज्य सरकार ने मानव भारती विवि को जिन कोर्स की स्वीकृति प्रदान की है। उनमें बी फार्मा, बीसीए, बीबीए, एमबीए, बीए एलएलबी, एलएलबी, एलएलएम, बीकॉम, बीए, बीएससी (मेडिकल), बीएससी (नॉन मेडिकल), एमए (अंग्रेजी) और डीईएलईडी डिग्री को ही मान्यता दी है।
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पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मानव भारती विवि में इस समय करीब दो हजार छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। पुलिस के हाथ फर्जी डिग्री प्रकरण में कई अहम जानकारियां लगी हैं। जिसके बाद पुलिस हाल-फिलहाल डिग्री पूरी कर चुके छात्रों से पूछताछ कर सकती है। इतना ही नहीं पुलिस मानव भारती विश्वविद्यालय से धन के लेनदेन का खाता भी खंगाल रही है। 

मानव भारती विवि से अलग-अलग एजेंसियों को लाखों रुपये के भुगतान की जानकारी पुलिस को मिली है। यह भुगतान किस आधार पर किया गया है। इसकी जांच शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही पुलिस ने मनोविज्ञान, एमटेक और आयुर्वेद समेत कुछ अन्य ऐसे कोर्सों का खुलासा किया है जिनकी मान्यता मानव भारती के पास नहीं थी। इनकी डिग्रियां कितने लोगों को बांटी गई, उनका आंकड़ा पुलिस जुटा रही है। 

विभिन्न पाठ्यक्रमों में निर्धारित फीस 
बी-फार्मा 78 हजार 750 रुपये, बीसीए 50 हजार, एमबीए 73 हजार 500, बीबीए 50 हजार, बीए एलएलबी 47 हजार 250, एलएलबी 47 हजार 250, एलएलएम 47 हजार 250, बीकॉम 30 हजार, एमए इंगलिश 25 हजार, बीए 25 हजार, बीएससी 30 हजार, डीईएलईडी 35 हजार रुपये फीस तय की गई थी। 


जांच पर नहीं है कोई असर: एसपी 
पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि पुलिस के हाथ बहुत सुराग लगे हैं। एसआईटी की जांच सही दिशा में जा रही है। जांच पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। जांच टीम पहले दिन से लगातार विवि में मिले कागजों की पड़ताल कर रही है। उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने के बाद इसे सरकार को सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि जांच जल्द ही पूरी कर ली जाएगी।

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