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फर्जी डिग्री खरीदने वाले भी एसआईटी के रडार पर
Thu, 24 Dec 2020 01:14 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 24 Dec 2020 01:14 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
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मानव भारती विश्वविद्यालय के फर्जी डिग्री मामले की जांच कर रही हिमाचल पुलिस और सीआईडी की संयुक्त एसआईटी ने डिग्री बेचने वालों के साथ ही अब डिग्री के खरीदारों की भी तलाश शुरू कर दी है। फर्जी डिग्री के इस खेल में बेचने वाले विश्वविद्यालय प्रबंधन के अधिकांश पदाधिकारियों को जांच अधिकारी जेल भेज चुके हैं।
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इसके बाद अब उनको खरीदार मुहैया कराने वाले एजेंटों की भी धरपकड़ शुरू हो चुकी है। हाल ही में जम्मू से एक एजेंट मनु जम्वाल को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तारी के बाद ही मनु के घर से जांच अधिकारियों को 35 लाख रुपये मिलने के साथ ही कई खरीदारों की भी जानकारी मिली है। इन खरीदारों के नामों का जांच अधिकारी विश्वविद्यालय व मालिक राज कुमार राणा के ठिकानों से मिले डिजिटल रिकॉर्ड से मिलान कर रही है। मिलान के बाद डिग्री खरीदने वालों को भी जांच अधिकारी अपनी गिरफ्त में लेंगे।
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दिल्ली में एक ऐसे ही खरीदार को जांच टीम ने गिरफ्तार किया था। कोशिश यह जानने की हो रही है कि एजेंटों के अलावा कहीं डिग्री खरीदने वालों ने ही आगे ग्राहक ढूंढकर डिग्री बेचने के इस खेल को विस्तार तो नहीं दिया। इन फर्जी डिग्रियों की मदद से बड़ी संख्या में युवा देश और विदेशों में भी नौकरी पाकर लाखों रुपये कमा रहे हैं। ऐसे में जांच अधिकारी ऐसे किसी भी कदम को उठाने से पहले हर सबूत जुटा लेना चाह रहे हैं ताकि किसी भी आरोपी को बचने का मौका न मिल सके।
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