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मनाली: छह महीने बाद पर्यटकों के लिए खुला ब्यास मंदिर, घाटी के युवाओं ने हटाई बर्फ

Sun, 08 May 2022 12:15 PM IST
Krishan Singh संजय भारद्वाज, संवाद न्यूज एजेंसी, मनाली (कुल्लू)
संजय भारद्वाज, संवाद न्यूज एजेंसी, मनाली (कुल्लू) Published by: Krishan Singh Updated Sun, 08 May 2022 12:15 PM IST
सार

 अब रोहतांग दर्रा तक पहुंचने वाले पर्यटक ब्यास नदी के उद्गम स्थल का भी दीदार कर सकेंगे। युवाओं ने मंदिर के द्वार खोलने के बाद बाकायदा ब्यास ऋषि की पूजा-अर्चना भी की।

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Manali: Beas Kund opened for tourists after six months, the youth of the valley removed the snow
ब्यास कुंड - फोटो : संवाद

विस्तार

समुद्रतल से 13,050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा में स्थित ब्यास नदी के उद्गम स्थल ब्यास मंदिर के द्वार भी छह महीने बाद खुल गए हैं। ब्यास ऋषि के मंदिर के द्वार को खोलने के लिए ऊझी घाटी के युवाओं ने दरवाजे तक पहले रास्ता बनाया और फिर मंदिर के द्वार खोले। अब रोहतांग दर्रा तक पहुंचने वाले पर्यटक ब्यास नदी के उद्गम स्थल का भी दीदार कर सकेंगे। युवाओं ने मंदिर के द्वार खोलने के बाद बाकायदा ब्यास ऋषि की पूजा-अर्चना भी की।

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गौरतलब है कि ब्यास नदी का पुराना नाम अर्जिकिया या विपाशा है। 460 किलोमीटर लंबी ब्यास नदी का उद्गम स्थल रोहतांग दर्रा में स्थित ब्यास मंदिर है। हिमाचल में इस नदी की लंबाई 256 किलोमीटर है। भारी बर्फबारी के कारण रोहतांग दर्रा बंद हो जाने से करीब छह महीने तक ब्यास मंदिरके कपाट भी बंद रहे। दो दिन पहले ही रोहतांग दर्रा पर्यटकों के लिए बहाल किया गया है। पर्यटकों का रोहतांग जाना शुरू हो गया है। लिहाजा, रोहतांग दर्रा में कारोबार करने वाले युवाओं ने ब्यास मंदिरके द्वार भी खोल दिए। कोठी गांव के युवा खेमराज ठाकुर, रूआड़ गांव के मनोज, देवी सिंह, चांगू ने बर्फ के बीच पहले ब्यास मंदिरतक का रास्ता बनाया। 
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ब्यास नदी के उद्गम स्थल का दीदार करेंगे सैलानी
अब पर्यटक ब्यास नदी के उद्गम स्थल का भी दीदार कर सकेंगे। शनिवार से पर्यटकों ने इस मंदिर के दर्शन करने भी शुरू कर दिए हैं। वर्ष 2021 में रोहतांग दर्रा 29 मई को बहाल हुआ था। लेकिन, इस साल करीब एक महीने पहले ही दर्रा खुल गया। लिहाजा, ब्यास मंदिर के द्वार भी करीब एक महीने पहले ही खुल गए हैं।
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बढ़ने लगे पर्यटक, दूसरे दिन 900 परमिट जारी
रोहतांग दर्रा बहाल होने के बाद पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है। शनिवार को पर्यटकों की यहां भीड़ जुटी। रोहतांग दर्रा बहाल होने के पहले दिन शुक्रवार को 580 वाहन गए थे। शनिवार के लिए भी करीब 900 परमिट जारी किए गए। रोहतांग दर्रा के लिए एक दिन में कुल 1,200 वाहनों को जाने की अनुमति है। इसके लिए पर्यटन विभाग द्वारा बनाई गई ऑनलाइन साइट पर स्लॉट बुक करना पड़ता है। इसी स्लॉट के माध्यम से परमिट जारी किए जाते हैं।

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