{"_id":"60126d4d8ebc3e34015bbe5f","slug":"mahabharata-era-nalsar-lake-development-by-tourism-department-himachal-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाभारत काल से जुड़ी नलसर झील समेत सात सरोवरों के बहुरेंगे दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महाभारत काल से जुड़ी नलसर झील समेत सात सरोवरों के बहुरेंगे दिन
Thu, 28 Jan 2021 01:23 PM IST
अरविन्द ठाकुर
नीलम मेहता, अमर उजाला नेटवर्क, मंडी
नीलम मेहता, अमर उजाला नेटवर्क, मंडी
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 28 Jan 2021 01:23 PM IST
विज्ञापन
रिवालसर झील (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्राचीन मान्यताओं में महाभारत काल से जुड़ी मंडी जिला की ऐतिहासिक नलसर और रिवालसर झीलों समेत सात अन्य सरोवर पर्यटन की दृष्टि से विकसित किए जाएंगे। प्राचीन अस्तित्व को बनाए रखते हुए इनके पानी के स्रोत किसी तरह की छेड़छाड़ किए बगैर सौंदर्यीकरण किया जाएगा। पर्यटन विभाग ने इसका प्रारूप तैयार कर मंजूरी के लिए भेज दिया है।
विज्ञापन
एशियन डेवलपमेंट बैंक के माध्यम से इन झीलों का सौंदर्यीकरण होगा। मंडी जिले के केंद्र में स्थित बल्ह घाटी की नलसर झील का महाभारत कालीन इतिहास रहा है। महाभारत के युद्ध के बाद पांडव इसी स्थल पर योद्धा रतनयक्ष को प्रतिस्थापित करना चाहते थे। करीब 47 बीघा क्षेत्र में फैली झील के बीचों बीच टापू इसकी विशेषता है। बरसात में कमल के फूलों से गुलजार होने वाली इस झील में पर्यटन की अपार संभावना है।
विज्ञापन
लेकिन सरकार और पर्यटन विभाग की उदासीनता के कारण अभी तक इस झील की हालत को नहीं सुधारा गया है। उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि नलसर झील समेत रिवालसर झील व अन्य सात सरोवरों के सौंदर्यीकरण के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। ऐतिहासिक-धार्मिक महत्व वाली इन धरोहरों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा।
विज्ञापन
जलक्रीड़ा की है अपार संभावना
जिला मुख्यालय मंडी, सुंदरनगर और गोहर के बीचोंबीच यह स्थल अच्छा पिकनिक स्पॉट बनेगा। जलक्रीड़ा की भी यहां पर अपार संभावना हैं। दूसरी ओर रिवालसर झील के साथ क्षेत्र के साथ लगते कुंतभ्यो, कड़छू, काला सर, दवारू सर, कुंडी सर, कुनाला, कड़छीसर और खदलासर सरोवरों को को भी पर्यटन विभाग ने इस प्रोजेक्ट में शामिल किया है। सैकड़ों साल पुरानी इन झीलों व सरोवरों के सुंदरीकरण के दौरान इनके पुराने स्रोतों को बरकरार रखा जाएगा।
यह भी मिलेगी सुविधा
विभाग पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यहां पर सुविधा जुटाएगा। झील के आसपास सरोवरों तक आने वाले पर्यटकों को बैठने के लिए बेंच आदि की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके अलावा पर्यटकों को प्राचीन स्थलों के बारे में उनके इतिहास से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध होगी। इससे यहां आने वाले पर्यटक इन स्थलों के महत्व के बारे में जानकारी हासिल कर सके।