{"_id":"659e2dc4be943b21c30bf31b","slug":"maghi-festival-from-today-35-thousand-goats-will-be-slaughtered-in-giripar-2024-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: माघी त्योहार आज से, गिरिपार में कटेंगे 35 हजार बकरे, पूरा महीना चलेगा मेहमाननवाजी का दौर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: माघी त्योहार आज से, गिरिपार में कटेंगे 35 हजार बकरे, पूरा महीना चलेगा मेहमाननवाजी का दौर
Wed, 10 Jan 2024 11:11 AM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, सतौन (सिरमौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, सतौन (सिरमौर)
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 10 Jan 2024 11:11 AM IST
सार
सिरमौर जिले के गिरिपार इलाके में माघी त्योहार की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 11 जनवरी को और पौष अमावस्या होने से इस बार यह पर्व 10 जनवरी से शुरू हो रहा है।
विज्ञापन
सिरमौर
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के गिरिपार इलाके में माघी त्योहार की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 11 जनवरी को और पौष अमावस्या होने से इस बार यह पर्व 10 जनवरी से शुरू हो रहा है। जिले के ट्रांसगिरि के साथ-साथ उत्तराखंड के जौनसार बाबर की 80 से 82 पंचायतों में इस पर्व को धूमधाम से मनाया जाता है। जिले के गिरिपार इलाके की 154 में से 126 पंचायतों में इस पर्व पर बकरे काटे जाने की परंपरा है। करीब 30,000 से 35,000 परिवारों में बकरे काटे जाएंगे। 28 गते पौष यानी 12 जनवरी को भी गिरिपार इलाके में बकरे काटे जाएंगे।
विज्ञापन
मंगलवार को पर्व से एक दिन पहले गिरिपार इलाके में बोशता (तेल पक्का पकवान) बनाए गए। बकरे काटे जाने के दिन इस पर्व को भातियोज का नाम दिया गया है। त्योहार के आठ दिन बाद इसे खोड़ा पर्व के नाम से भी मनाया जाता है। इसे छोटा भातियोज कहा जाता है। इलाके के गण्यमान्य व्यक्ति रामभज चौहान, कुंदन सिंह, खत्तरी सिंह ठाकुर, मामराज और कुलदीप आदि ने बताया कि गिरिपार इलाके का यह बड़ा पर्व है। हालांकि इस पर्व को मनाए जाने की परंपरा में अब काफी बदलाव आया है। ये त्योहार बहुत खर्चीला है। लोग अपने सामर्थ्य के अनुसार इसको मनाते हैं। सभी रिश्तेदारों, शादीशुदा लड़कियों को त्योहार का हिस्सा दिया जाता है। पूरा महीना मेहमाननवाजी होती है। गिरिपार में इस दिन हजारों बकरे, सूअर और खाड्डू (भेड़ू) काटे जाते हैं। यह हाटी संस्कृति का मुख्य हिस्सा भी है।
विज्ञापन