मां तुझे प्रणाम अभियान: आजादी और देश भक्ति के रंगों में रंगे नौनिहाल
अमर उजाला के मां तुझे प्रणाम अभियान के तहत स्कूली छात्रों के लिए आयोजित चित्रकला और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। ऑनलाइन आयोजित इन प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने खासा उत्साह दिखाया। बच्चों ने चित्र बनाए और अपनी फैंसी ड्रेस में फोटो खींचकर ऑनलाइन अपलोड की थीं। चित्रकला स्पर्धा का विषय तस्वीर आजादी की... था। इसमें बच्चों ने आजादी के लिए हुए संघर्ष से लेकर भारत के आजाद होने तक की घटनाओं को कागज पर उकेर कर उनमें रंग भरे।
चित्रकला स्पर्धा में तीसरी से दसवीं कक्षा तक की आठ श्रेणियों के लिए 245 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं थीं। फैंसी ड्रेस स्पर्धा में दो से आठ वर्ष तक के विद्यार्थियों की श्रेणी में 211 प्रविष्टियां मिलीं। फैंसी ड्रेस स्पर्धा में बच्चों ने आजादी की जंग में अगली पंक्ति में रहे देश भक्तों की वेशभूषा पहनकर फोटो ऑनलाइन भेेजे थे। इनमें कोई झांसी की रानी, कोई चंद्रशेखर आजाद, कोई भगत सिंह तो कोई राष्ट्र पिता महात्मा गांधी बना था।
फैंसी ड्रेस स्पर्धा में यह रहे विजेता
मां तुझे प्रमाण के तहत आयोजित फैंसी ड्रेस स्पर्धा में रुद्रांश गर्ग, मन्नत, शिखर भोराल, केशव सूद, पूर्वा कश्यप, अहान ठाकुर, आहान ठाकुर, सौरिश चौहान, अनुभव कमल और तैजस पहले दस विजेता घोषित किए गए हैं।
चित्रकला स्पर्धा में यह बने विजेता
चित्रकला स्पर्धा में तीसरी कक्षा के अपूर्व चौहान ने पहला, अक्षिता ने दूसरा और चहन ठाकुर ने तीसरा स्थान पाया। चौथी कक्षा में साकेत प्रथम, हर्षिता द्वितीय, पार्थ ठाकुर ने तृतीय, पांचवीं कक्षा में अभिनव गुप्ता, साह्नवी सड्याल और रिषिक शर्मा ने क्रमश: पहला दूसरा तीसरा स्थान पाया। छठी कक्षा में लक्ष्य वर्मा, जैसमीन कौर, आहाना वशिष्ठ, कक्षा सातवीं में अनन्या मित्तल, ऋतिका चंदेल, शिवांश ठाकुर, आठवीं में रजत शर्मा, आयुष कुमार और शगुन शर्मा ने पहले तीन स्थान हासिल किए। नौवीं कक्षा में तमन्ना प्रथम, छवि द्वितीय और पंकज ठाकुर तृतीय स्थान पर रहे। दसवीं कक्षा में साक्षी शर्मा ने पहला, जैसमीन परहेट ने दूसरा और सानिया ने तीसरा स्थान पाया।
देश भक्ति की भावना जागृत करने की अच्छी पहल
अमर उजाला के मां तुझे प्रणाम के तहत आयोजित स्पर्धाओं की प्रविष्टियों के आकलन के लिए निर्णायक मंडल में दक्ष लोगों को शामिल किया गया था। हिमाचल विश्वविद्यालय के विजुअल आर्ट विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर नंद लाल और राजकीय कन्या महाविद्यालय के पेंटिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. भादर सिंह, आरकेएमवी के कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर दीपक नेगी निर्णायक मंडल में शामिल थे। निर्णायक मंडल के सदस्यों ने कहा कि अमर उजाला का यह कार्यक्रम बच्चों को आजादी के इतिहास के बारे में जागरूक करने और देश भक्ति की भावना पैदा करने में सहायक साबित होगा।
इस तरह के अभियान बच्चों और युवाओं में छिपी प्रतिभा को सामने लाने के साथ ही उन्हें समाज व देश के प्रति उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराने में भी कारगर साबित होते हैं। अमर उजाला दैनिक समाचार पत्र होने के नाते राष्ट्रहित समेत सामाजिकसरोकारों से जुड़ी अपनी रचनात्मक जिम्मेदारी का निर्वहन बखूबी कर रहा है। डॉ. नंदलाल ने कहा कि चित्रों में छात्रों ने अपने भावों को जिस तरह से दिखाने का प्रयास किया उसे देखकर हैरानी भी हुई। इन्होंने भारत के आजाद होने का समय देखा भी नहीं है, फिर भी देश भक्तों के योगदान को चित्रों में शानदार तरीके से उकेरा था। डॉ. भादर सिंह ने बताया कि प्रतिभागी बच्चों का हर चित्र अपने आप में जीवंत होकर काफी कुछ बोल रहा था।