लोकसभा चुनाव: जिला शिमला जिस पर बरसाएगा ज्यादा वोट, वही लहराएगा अपनी जीत का परचम
भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप को सिरमौर और कांग्रेस उम्मीदवार विनोद सुल्तानपुरी को सोलन से बढ़त की आशा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लोकसभा सीट शिमला पर भाजपा और कांग्रेस में तगड़ी रस्साकशी चल रही है, लेकिन इतना तय है कि जिला शिमला जिस पर वोट बरसाएगा, वही जीत का परचम लहराएगा। भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप को सिरमौर और कांग्रेस प्रत्याशी विनोद सुल्तानपुरी को सोलन से बढ़त की आशा है। कश्यप की चुनौती एंटी इनकमबेंसी फैक्टर है तो ताकत मोदी नाम है जबकि सुल्तानपुरी को राजनीतिक विरासत, सुक्खू कैबिनेट के पांच मंत्रियों की मेहनत और विधायकों के संख्या बल का सहारा है। कांग्रेस अपना पुराना गढ़ जीतने, भाजपा जीत का चौका लगाने के लिए मेहनत कर रही है। इस सीट पर कांग्रेस के 17 में से 13 विधायक हैं। सुक्खू कैबिनेट के सबसे ज्यादा पांच मंत्री इसी संसदीय क्षेत्र को मिले हैं। यहां से दो मुख्य संसदीय सचिव और एक विधानसभा उपाध्यक्ष भी हैं।
सभी प्रतिष्ठा की लड़ाई मानकर कांग्रेस के लिए मेहनत मार रहे हैं। भाजपा के यहां तीन विधायक हैं और एक निर्दलीय भी भाजपा के साथ है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल भी इसी क्षेत्र से हैं तो चुनाव उनकी नाक का भी सवाल है। निवर्तमान सांसद और पूर्व विधायक सुरेश कश्यप सिरमौर के पच्छाद से हैं तो सोलन के सुल्तानपुर गांव के सुल्तानपुरी कसौली से कांग्रेस विधायक भी हैं। कश्यप भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं तो विनोद सुल्तानपुरी ऐसे राजनीतिक घराने से हैं। उनके पिता स्व. केडी सुल्तानपुरी 1980 से 1998 तक लगातार छह बार लोकसभा सांसद चुने गए थे। भाजपा सिरमौर में हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा दिलाना भुनाकर राजपूतों का ध्रुवीकरण कर रही है। कांग्रेस को गुज्जर मुसलमानों, अनुसूचित जाति और ओबीसी भाट-ब्राह्मणों से वोट की उम्मीद में है।
- हाटी आरक्षण का सिरमौर जिले के पांच में से चार विधानसभा हलकों पर असर है। इसका भाजपा लाभ लेना चाह रही है।
- सेब पर आयात शुल्क न बढ़ाना
- और बागवानों की समस्याएं शिमला जिले का बड़ा मुद्दा है।
- इंडी गठबंधन के तहत मोर्चा खोल चुकी कांग्रेस इस मुद्दे को भुनाने के लिए लिए किसान संगठनों को साथ लेकर चल रही है।
- सोलन जिले में पेयजल संकट भी एक मुद्दा है, इसके अलावा पूरे संसदीय क्षेत्र में खराब सड़कें भी।
शिमला में मतदाता
शिमला लोकसभा सीट में 13,54,665 मतदाता हैं। इनमें से 13,46,358 सामान्य मतदाता हैं। इनमें 6,90,929 पुरुष और 6,55,417 महिला मतदाता हैं। 12 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। 11 ओवरसीज इलेक्टर और 8,296 सर्विस वोटर हैं।
कुल पांच प्रत्याशी हैं मैदान में
शिमला सीट पर कुल पांच प्रत्याशियों में भाजपा से सुरेश कश्यप, कांग्रेस से विनोद सुल्तानपुरी, राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी से सुरेश कुमार, बसपा से अनिल कुमार और अखिल भारतीय परिवार पार्टी के मदन लाल लोकसभा चुनाव में मैदान में हैं।
मोदी की रैली का राहुल की जनसभा से किया काउंटर
शिमला संसदीय सीट के नाहन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक रैली हो चुकी है, मगर काउंटर करने के लिए कांग्रेस ने भी यहां राहुल गांधी की जनसभा करवाई। वहीं, कांग्रेस ने रोहड़ू में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा भी करवाई। प्रियंका भी इन दिनों शिमला के छराबड़ा में अपने घर में रह रही हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शिमला के रोहड़ू में जनसभा कर चुके हैं। शिमला आकर केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर भी भाजपा के प्रचार अभियान के तहत आए। शिमला बागवानी बहुल क्षेत्र है तो बागवानों की आयात शुल्क न बढ़ाने पर नाराजगी को कांग्रेस ने मोदी मैजिक के खिलाफ मुद्दा बनाया है।