शिमला पहुंचे मणिशंकर अय्यर, बोले- मैं इतना बड़ा उल्लू नहीं, षड्यंत्र का शिकार हुआ हूं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीएम मोदी को ‘नीच’ कहने वाले बयान के बाद इसे लेकर एक लेख पर मचे बवाल पर पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने कहा कि मीडिया मुझे बेवकूफ समझता है। मैं उल्लू हूं, पर इतना बड़ा भी नहीं।
मैं षड्यंत्र का शिकार हुआ हूं। निजी दौरे पर शिमला पहुंचे मणिशंकर ने मंगलवार को कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा हारने वाली है। 23 मई को राजनीतिक दौर में बदलाव आएगा और कांग्रेस आगे बढ़ेगी।
शब्द जोड़कर मीडिया में बार-बार दिखाया गया
मोदी को लेकर 7 दिसंबर, 2017 को दिए नीचे वाले बयान पर एक लेख में कायम रहने की बात पर सियासी घमासान के बाद अय्यर ने कहा कि उनके शब्द के साथ एक शब्द जोड़कर मीडिया में बार-बार दिखाया गया।
कोई झूठ बार-बार बोला जाए तो उसे सच समझा जाने लगता है। मीडिया ने मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा है। कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया है। मुझे एआईसीसी की ओर से किसी प्रकार का बयान मीडिया में देने से रोका गया हैै।
कांग्रेस ने मेरे बयान पर सफाई दे दी है। अब मुझे इस पर कोई सफाई नहीं देनी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने शिमला स्थित पंजाब सरकार के सर्किट हाउस में पहले तो बात करने से साफ मना किया, लेकिन बाद में कहा कि मैं मीडिया के षड्यंत्र का शिकार हुआ हूं।
गुपचुप शिमला पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर गुपचुप शिमला पहुंचे हैं। उनका नाम स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर है। एआईसीसी ने अय्यर को प्रेस में नहीं जाने के आदेश दिए हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर सोमवार रात को शिमला पहुंचे। अय्यर एक सरकारी सर्किट हाउस में ठहरे हैं। एआईसीसी की स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल 20 नेताओं में मणिशंकर अय्यर का नाम नहीं है।
मीडिया को दूर रखने के लिए अय्यर दबाव भी बना रहे हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहती है। इसलिए एआईसीसी ने अय्यर को मीडिया में कोई भी बयान न देने के आदेश दिए हैं।
पिछले दिनों अखिल भारतीय कांग्रेस बुद्धिजीवी विभाग के अध्यक्ष सैम पित्रोदा के वर्ष 1984 के सिख दंगों को लेकर दिए बयान पर खासा विवाद हुआ है। पित्रोदा के बयान के बाद कांग्रेस को अपना पक्ष रखने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी है।