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हिमाचल न छोड़ें, जरूरत हो तो पैदल न जाएं प्रवासी मजदूर: मरडी
Mon, 18 May 2020 06:09 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 18 May 2020 06:09 PM IST
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डीजीपी सीताराम मरडी
- फोटो : अमर उजाला
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डीजीपी सीताराम मरडी ने प्रदेश में रह रहे प्रवासी मजदूरों से अपील की है कि वे हिमाचल से जाने का विचार न रखें, क्योंकि प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां शुरू होने जा रही हैं। अगर कोई जाना चाहता है तो वह पैदल न जाए। संबंधित राज्य या हिमाचल सरकार के नोडल अधिकारियों या हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। डीजीपी ने कहा कि वह स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों को मानते हैं।
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वह 31 मई को सेवानिवृत हो रहे हैं, तब तक वह प्रदेश व देश की सेवा करते रहेंगे। इसके बाद भी वह समाज के हित के लिए जो भी संभव होगा, करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि 31 मई तक शाम सात से सुबह सात बजे के बीच कर्फ्यू के दौरान परिवहन की अनुमति नहीं होगी। लोग इस अवधि के दौरान बाहर निकलने से बचें। उन्होंने 65 साल से ज्यादा के वृद्धों व 10 साल से कम के बच्चों से बिना जरूरत बाहर न निकलने को कहा।
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अपील की कि लोग कोरोना पॉजिटिव मरीज या किसी मृत व्यक्ति के शव व उसके परिवार के साथ भेदभाव न करें। सभी ढाबा व रेस्टोरेंट संचालकों से अपील की कि वे खाना न खिलाएं और सिर्फ टेक अवे या होम डिलीवरी की व्यवस्था का पालन करें। आत्म निर्भर भारत के लिए 1893 में स्वामी विवेकानंद ने जमशेद जी टाटा को साइंस और तकनी के मिलाप से काम करने के लिए कहा था, जिसके बाद टाटा ने एक बड़ा वैज्ञानिक केंद्र स्थापित किया था।
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