हिमाचल में और महंगी होगी शराब, इतने फीसदी तक बढ़ सकते हैं दाम
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हिमाचल में एक जुलाई के बाद से शराब और महंगी हो सकती है। राज्य सरकार ने पहले ही प्रदेश में नई शराब नीति लाकर लोगों को महंगी शराब खरीदने पर मजबूर कर दिया है। एक जुलाई से गुड्स एंड सर्विस टैक्स लागू होने पर शराब के दाम 14 फीसदी तक और बढ़ सकते हैं। ऐसा इसलिए होने की संभावना है, क्योंकि जीएसटी काउंसिल ने प्रदेश सरकारों से लाइसेंस फीस पर ही सर्विस टैक्स लगाने को कहा है।
हालांकि, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के इसके पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने दलील दी है कि चूंकि प्रदेश में शराब से होने वाली पूरी आय ही लाइसेंस फीस पर आधारित है। ऐसे में इस साल शराब पर सर्विस टैक्स लगा पाना मुश्किल है। राज्यों की आपत्ति के बाद अब तीन जून को होने वाली जीएसटी काउंसिल की आखिरी बैठक में इस पर निर्णय हो सकता है।
श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर में वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में राज्यों के साथ हुई काउंसिल की बैठक में भी आबकारी पर आम सहमति नहीं बन पाई। काउंसिल के तर्क से हिमाचल सहित कुछ राज्यों ने असहमति जताई है।
उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा असर: ओंकार
प्रधान सचिव आबकारी एवं कराधान ओंकार शर्मा ने बताया कि सर्विस टैक्स लगाने का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। चूंकि, प्रदेश में शराब बिक्री के लाइसेंस नीलामी के आधार पर दिए गए हैं। ऐसे में अगर नीलामी की बोली से हुई आय पर सरकार सर्विस टैक्स लगाती है तो इसका सीधा असर लाइसेंसधारी पर होगा और लाइसेंस धारक अपना बोझ कम करने के लिए शराब के उपभोक्ताओं से वसूल करेगा।
जाहिर है इससे प्रदेश के उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर होगा, जिससे बचने के लिए जीएसटी में प्रदेश का पक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रयास किया जाएगा कि प्रदेश को इस साल इस कर को लगाने से छूट दी जाए, ताकि अगले साल लाइसेंस फीस लेने के समय ही सर्विस टैक्स को लगाकर एक ही बार में शराब के दाम तय किए जा सकें।