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Shyam Saran Negi: न चुनाव लड़ा, न किसी राजनीतिक दल की तरफ था झुकाव
Sun, 06 Nov 2022 10:34 AM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी/अमर उजाला ब्यूरो, कल्पा/शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी/अमर उजाला ब्यूरो, कल्पा/शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 06 Nov 2022 10:34 AM IST
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दिवंगत श्याम सरण नेगी
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विस्तार
पहला मतदाता होने के नाते दिवंगत श्याम सरण नेगी अपनी और चुनाव आयोग की अहमियत समझते थे। उनका किसी राजनीतिक दल की तरफ झुकाव नहीं रहा। न ही कभी कोई चुनाव लड़ा। हालांकि, देश के विकास में हमेशा अग्रणी रहे। क्षेत्र की समस्याओं को भी उठाते रहे। इसी के चलते उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की जनकल्याणकारी नीतियों की सराहना की थी। 13 मई 2014 को अपना मत डालने के बाद श्याम सरण नेगी भावुक हो गए थे। उन्होंने कहा था कि यह शायद मेरा आखिरी वोट होगा। उन्होंने कहा कि मुझे किसी पार्टी से कोई शिकायत नहीं। लेकिन, मैं अपने इस आखिरी चुनाव में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनते देखना चाहता हूं। इसके बाद 26 मई 2014 मोदी पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने थे।
चेकअप के लिए घर जाया करती थी टीम
नेगी के रूटीन चेकअप के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम तकरीबन हर माह उनके घर पर जाया करती थी। जिला प्रशासन की ओर से व्यवस्था की गई थी। यही कारण था कि 106 वें साल में प्रवेश होने के बावजूद वे कम ही अस्पताल में भर्ती हुए। दूसरा कारण उनका पैदल चलना भी था। बर्फीला अति दुर्गम इलाका होने के बावजूद सर्दियों में रहने के लिए निचले इलाकों में नहीं गए।
कुछ माह पहले फैल गई थी मौत की अफवाह गलत सूचना पर प्रशासन ने की थी कार्रवाई
सोशल मीडिया पर कुछ माह पहले श्याम सरण नेगी की मौत को लेकर गलत सूचना दी गई थी। इस पर प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी की थी। इस बार भी कहीं गलत सूचना न हो, इसके लिए लोग प्रशासन से सही जानकारी
लेने के लिए फोन पर अपडेट लेते रहे। देश के पहले वोटर रहे श्याम सरण नेगी का शुक्रवार रात दो बजे निधन होने के बाद सुबह चार बजे उनके रिश्तेदारों और आस पड़ोस के लोगों को सूचना मिली। सुबह 10.30 बजे प्रशासन की ओर से डीसी आबिद हुसैन सादिक, एसपी विवेक चहल, एसडीएम शशांक गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।
देर शाम से छोड़ दिया था खाना-पीना
परिजनों को कहना है कि नेगी ने शुक्रवार शाम से खाना पीना छोड़ दिया था। इसके बाद रात दो बजे के करीब उन्होंने अंतिम सांस ली और दुनिया को अलविदा कह गए।