हिमाचल में बारिश ने मचाई तबाही, एक दर्जन पुल बहे, सड़कें बंद, कई क्षेत्र कटे
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कुल्लू-मंडी और चंबा में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। मूसलाधार बारिश के चलते प्रदेश में कई घर ध्वस्त हुए हैं। प्रदेश में एक दर्जन पुल बह गए हैं। हाईवे समेत छोटी-बड़ी 923 सड़कें प्रदेश में बंद हो गई हैं।
सड़क मार्ग बंद होने से प्रदेश के कई क्षेत्रों का संपर्क कट गया है। शिमला-चंडीगढ़, धर्मशाला-शिमला, चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे ठप हो गए हैं। राजधानी शिमला समेत सूबे में दूरसंचार सेवाएं भी सोमवार को प्रभावित रहीं।
खंभे गिरने से कई क्षेत्रों में बिजली सप्लाई भी गुल रही। भारी बारिश के चलते ब्यास, सतलुज और रावी समेत सभी नदी-नाले उफान पर हैं। जलस्तर बढ़ने पर बिजली परियोजनाओं में बांधों के गेट भी खोलने पड़े हैं।
ये एनएच और मार्ग बंद
शिमला-नाहन नेशनल हाईवे समेत कई संपर्क सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। जिला सिरमौर के राजगढ़ में एक पिकअप भूस्खलन के साथ बह गई। रामपुर के नजदीक भूस्खलन होने से एनएच-5 बंद हो गया है।
किन्नौर में रिस्पा गांव के लिए संपर्क मार्ग पर बना पुल बाढ़ आने से बह गया। आनी में भारी बारिश से एक मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। कई गांवों में संपर्क मार्ग बंद हैं। शिमला-चंडीगढ़ नेशनल हाइवे भी बारिश से प्रभावित हुआ है।
हाइवे पर भूस्खलन से लंबा जाम लगा रहा और जगह-जगह यात्री फंसे रहे। जिला कांगड़ा में भूस्खलन के कारण सुबह से ठप पड़ा पठानकोट-मंडी सड़क मार्ग करीब डेढ़ बजे बहाल हुआ। जिला के कई संपर्क मार्ग भी बारिश के कारण प्रभावित हैं।
बारिश का पानी घर के अंदर घुस गया
मूसलाधार बारिश से चौहार घाटी और छोटा भंगाल में भी भूस्खलन हुआ है। रे में बारिश का पानी घर के अंदर घुस गया, जबकि नाले पर लगाया गया डंगा पानी में बह जाने से धान की रोपी गई फसल भी पानी में बह गई।
कोलापुर पंचायत में आठ विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन हुआ। खैरियां वकाण सड़क का भी काफी हिस्सा बारिश की भेंट चढ़ गया। कंडवाल में सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ।
नक्की खड्ड में पानी का ज्यादा बहाव आने से परागपुर में पांच घंटे तक यातायात अवरुद्ध रहा। पानी के बहाव की चपेट में एक कार आने पर बड़ी मशक्कत के बाद उसमें सवार पति पत्नी और बच्चे को बचाया गया, लेकिन कार पलटकर क्षतिग्रस्त हो गई।
गौशाला के नीचे दबकर तीन भैंसों की मौत
जिला हमीरपुर के सुजानपुर में गौशाला के नीचे दबकर तीन भैंसों की मौत हो गई। हमीरपुर-शिमला, पालमपुर और सरकाघाट नेशनल हाइवे बंद रहे। जाहू में बिजली के पोल गिरे, सुजानपुर में भी पानी-बिजली आपूर्ति ठप रहे।
बिलासपुर जिला में भारी बारिश के कारण चंडीगढ़-मनाली एनएच सहित एक दर्जन से अधिक ग्रामीण सड़क मार्ग बंद हैं। जिला में पांच गौशालाएं गिरी हैं। करीब पांच घर बारिश की चपेट में आए हैं। चिकनी खड्ड का पुल बह गया।
जिला मंडी में कोटरोपी के पास हाईवे के बंद होने के बाद वैकल्पिक मार्ग पधर वाया नौहली-जोगिंद्रनगर सड़क पर एचआरटीसी की दुर्घटनाग्रस्त होने से बची है। बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
भारी बारिश और पंडोह डैम से पानी छोड़े जाने के बाद ब्यास नदी खतरे के निशान से कहीं ऊपर बह रही है। पंचवक्त्र मंदिर के पास झुग्गियां पानी में समा गई हैं। रामनगर में भी सुकेती खड्ड भयावह है और पानी इमारतों को छू रहा है।
जिला को जोड़ने वाले तीनों एनएच और छोटे-बड़े कई मार्ग भूस्खलन के कारण बाधित चल रहे हैं। मंडी का कुल्लू और मनाली से संपर्क टूटा हुआ है। मंडी-पठानकोट, मंडी-मनाली, जाहू-नेरचौक मार्ग भी पूरी तरह बंद रहे।
कोटरोपी में मार्ग पर पैदल आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। धर्मपुर बाजार में भरेंड नाले का पानी दुकानों में घुस गया, जिससे दुकानों में भारी नुकसान हुआ है।
इसके अलावा धर्मपुर उपमंडल को जोड़ने वाली अधिकतर सड़के बंद हो गई हैं। धर्मपुर बस स्टैंड से सभी बसों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। द्रंग के सभी मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं।
कोटरोपी और मैगल के पास हाईवे खतरनाक बन गया है। नेरचौक से डडौर पूरी तरह से तालाब में तब्दील हो गया है। भारी बारिश के चलते औट के बनाला में नाले में बाढ़ आने से सड़क के दो टुकड़े हो गए हैं।
दो गाय और 10 भेड़-बकरियां भी बह गईं
ग्राम पंचायत रोहांडा में पंचायत भवन की चारदीवारी गिर गई है, जिससे ग्राम पंचायत के भवन खतरा हो गया है। इसी गांव में एक किसान की गौशाला बह जाने से उसकी दो गाय और 10 भेड़-बकरियां भी बह गइ हैं।
बरोट घटासनी मुख्य सड़क सहित बरोट के सभी सड़कें बंद हो गई हैं। यहां पर पर्यटकों की गाड़ियां, सरकारी बसें और वाहन फंसे हुए हैं। ऊना जिला के बंगाणा, गगरेट, चिंतपूर्णी में भी कई जगह ल्हासे गिरने से सड़कें अवरुद्ध रही।
इससे हजारों यात्रियों को दिनभर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मुबारिकपुर से अंब रोड पर झंगोली गांव में अस्थाई पुल बह गया। इस कारण नेशनल हाइवे बंद हो गया।
सड़क पर वाहनों का लंबा जाम लग गया। बंगाणा के धनेटा मार्ग पर पेड़ गिरने से मार्ग बंद रहा। दौलतपुर चौक में दर्जनों घरों व दुकानों में पानी घुसने से लोगों को लाखों का नुकसान हुआ है।
ऐतिहासिक रिज मैदान पर आईं दरारें
भारी बारिश के चलते ऐतिहासिक रिज मैदान पर दरारें पड़ गई हैं। राजधानी शिमला में पचास से अधिक मकान दरक गए हैं, जहां से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। जगह-जगह गिरे पेड़ों और ल्हासों से दर्जनों गाड़ियां दबकर क्षतिग्रस्त हो गईं।
जिले में एचआरटीसी से 200 से अधिक रूट फेल हुए हैं। फल और सब्जी मंडियों में कारोबार पूरी तरह ठप रहा। इससे कारोबारियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। राजधानी में पानी लिफ्ट न होेने से पेयजल किल्लत फिर बढ़ने के आसार हैं।
बारिश के दौरान पर्यटकों से हिमाचल न आने की अपील कर रही पुलिस
भारी बारिश और अगले चौबीस घंटे की चेतावनी के बीच हिमाचल पुलिस ने दूसरे राज्यों से हिमाचल आने वाले पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। सीमांत जिलों के पुलिस कर्मियों के माध्यम से पर्यटकों से अपील की जा रही है कि वह हिमाचल दौरे को कुछ दिन के लिए टाल दे।
इसके पीछे भारी बारिश और उसकी वजह से संभावित भूस्खलन से होने वाले जानमाल के नुकसान की दलील दी जा रही है। पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता डा खुशहाल शर्मा ने बताया कि शासन के उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद सभी सीमांत जिलों के पुलिस अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं।
बताया कि इसके साथ ही लोगों से भूस्खलन के लिहाज से अति संवेदनशील क्षेत्रों में आवागमन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने को भी कहा जा रहा है। इसके साथ ही मुख्यालय ने सभी जिला कप्तानों को निर्देश दिए हैं कि पुलिस बल को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए स्टैंड बाय रखा जाए।