मनाली-लेह मार्ग पर भारी भूस्खलन, 12 घंटे फंसे रहे दो हजार सैलानी
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चीन की सीमा तक जाने वाले सामरिक महत्व का मनाली-लेह मार्ग भारी भूस्खलन के चलते 12 घंटे तक बंद रहा। रोहतांग और राहनीनाला के बीच विशालकाय चट्टानों और मलबे से सड़क बाधित हो गई।
सुबह छह बजे भूस्खलन होने की सूचना मिलते ही बीआरओ के जवान सड़क को बहाल करने में जुट गए। हालांकि छोटे पत्थरों को तो जेसीबी से हटा लिया गया। लेकिन बड़ी चट्टानों को ब्लास्ट करके ही रास्ता खोलना पड़ा।
लेकिन कीचड़ और मलबे से सड़क दलदल में तबदील हो गई। जिसे पूरी तरह से 12 घंटे बाद शाम छह बजे ही बहाल किया जा सका।
मनाली लेह मार्ग के बंद हो जाने से लेह की ओर रसद और असलाह ले जा रहे सैनिक वाहनों समेत करीब दो हजार सैलानी जाम में फंसे रहे। जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गई।
तीसरी बार बंद हुआ रोड
मनाली-लेह मार्ग पर एक हफ्ते में तीसरी बार रोड बंद होने से सीमा की ओर जाने वाले इस मार्ग चिंता का सबब बनता जा रहा है। इससे मनाली से लेकर लाहौल और लेह के पर्यटन पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। कोकसर के पास भी सड़क पर कलवर्ट का डंगा ढ़हने से शनिवार सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही।
इसके अलावा बारालाचा के पास भी कुछ देर के लिए मार्ग अवरूद्ध होने की सूचना है। वहीं दूसरी तरफ ग्रांफू-काजा रोड भी शुक्रवार रात को हुई भारी बारिश के चलते करीब 15 घंटे तक बंद रहा। जिससे सैलानियों व आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
बीआरओ के कमांडर एके अवस्थी ने बताया कि बीआरओ के जवानों ने विपरीत परिस्थितियों में पूरी महेनत से ब्लास्ट कर मार्ग बहाल किया है। मनाली के थाना प्रभारी केडी शर्मा ने बताया कि मार्ग बंद होने के दौरान पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभाई।