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इस वजह से अधर में फंसी हैं हिमाचल की तीन प्रमुख रेल लाइनें

Mon, 26 Sep 2016 10:28 AM IST
सुरेश शांडिल्य/अमर उजाला, शिमला
सुरेश शांडिल्य/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 26 Sep 2016 10:28 AM IST
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land acquisition is a big obstacle for three main railway lines of himachal

हिमाचल की तीन प्रमुख प्रस्तावित रेल लाइनें अधर में फंसी हैं। कहीं भूमि अधिग्रहण तो कहीं बजट की कमी बाधा बनी हुई है। पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा से अपेक्षित सहयोग का न मिलना भी एक कारण है।

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नंगल-तलवाड़ा रेल लाइन को पूरा होने में अभी बहुत वक्त लगेगा। चंडीगढ़-बद्दी और भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइनों को बनाना अभी शुरू ही किया गया है।

नंगल-तलवाड़ा रेललाइन का काम अंब से अंदौरा और अंदौरा से दौलतपुर के बीच कछुआ चाल से चल रहा है। बचे 17 किलोमीटर लंबे ट्रैक को बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण का काम चला हुआ है।
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नए भू अधिग्रहण अधिनियम में इस प्रक्रिया को पूरा करना एक बड़ी चुनौती है। कुल 83.74 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित रेलमार्ग पर करीब 2100 करोड़ की अनुमानित लागत आ रही है।
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दूसरा प्रस्तावित रेल मार्ग चंडीगढ़ से बद्दी के बीच है। 33.23 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन पर 1672 करोड़ का अनुमानित खर्च आ रहा है। इसमें आधा खर्च हिमाचल सरकार और आधा केंद्र सरकार को उठाना है।

सर्वे हो चुका है। इसके लिए भी भू अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जानी है, मगर हिमाचल के सामने रेल मार्ग को बनाने के लिए जमीन मुहैया करवाने और बजट का प्रबंध करने की चुनौतियां हैं।

पंजाब और हरियाणा में भी भूमि का अधिग्रहण चल रहा है। तीसरा रेल मार्ग भानुपल्ली-बिलासपुर है। इसका सर्वेक्षण हो रहा है। इसे रेल विकास निगम लिमिटेड बना रहा है। इस प्रस्तावित मार्ग की कुल लंबाई 63.1 किलोमीटर है। इसकी अनुमानित लागत 2967 करोड़ आएगी।

इस रेलमार्ग को बनाने में भारत सरकार 50 फीसदी, रेल मंत्रालय 25 फीसदी और हिमाचल सरकार 25 प्रतिशत खर्च उठाएगी, मगर भूमि अधिग्रहण के लिए संयुक्त रूप से केवल 70 करोड़ तक लागत ही 50:25:25 प्रतिशत के अनुपात से वहन की जाएगी। ऐसे में हिमाचल सरकार के समक्ष भूमि मुहैया करवाने और बजट का प्रावधान करने जैसी दोनों ही तरह की परेशानियां हैं।

हिमाचल सरकार पड़ोसी राज्यों की सरकारों से लगातार संपर्क साधे हुए है। हाल ही में प्रधानमंत्री ने तीनों राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ नंगल-तलवाड़ा योजना की समीक्षा की है। बद्दी-चंडीगढ़ रेललाइन के लिए सरकार ने 45 करोड़ रिलीज कर दिए हैं।


भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन पर भी लगातार पड़ोसी राज्यों और भारत सरकार के साथ संवाद स्थापित किया गया है। हिमाचल सरकार के प्रयास किसी भी तरह से कम नहीं हैं। -अक्षय सूद, सलाहकार, योजना, हिमाचल सरकार

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