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लाखों बागवानों को अब खाते में मिलेगी कीटनाशक दवाओं की सब्सिडी
Wed, 07 Oct 2020 10:52 AM IST
Krishan Singh
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 07 Oct 2020 10:52 AM IST
सार
हिमाचल के लाखों बागवानों को आगामी वित्तीय वर्ष से अब उपदान (सब्सिडी) की कीटनाशक दवाएं नहीं मिलेंगी।
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कीटनाशक दवाओं की सब्सिडी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल के लाखों बागवानों को आगामी वित्तीय वर्ष से अब उपदान (सब्सिडी) की कीटनाशक दवाएं नहीं मिलेंगी। दवा खरीद गड़बड़ी को रोकने के लिए सरकार ने अहम कदम उठाया है। बागवान अब खुले बाजार से खुद पसंद की कीटनाशक दवाएं खरीद सकेंगे। दवाओं पर तय सब्सिडी सरकार बागवानों के खाते में डालेगी। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लघु और मध्य बागवानों को ज्यादा फायदा होगा। इस संबंध में बागवानी विभाग के सचिव ने निदेशक को पत्र संख्या एचटीसी-एफ(11)-42017 जारी किया है।
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प्रदेश सरकार हर सीजन में करोड़ों की कीटनाशक दवाएं खरीदती रही है। बागवान दवाओं की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाते रहे हैं और कई बार दवाएं न मिलने की शिकायतें भी करते रहे हैं। इस पूरी व्यवस्था में सरकार को अच्छी खासी कसरत करनी पड़ती थी और दवाओं के लिए गोदाम भी रखने पड़ते थे। इन दवाओं के वितरण के लिए केंद्र खोलकर कर्मचारियों की भी तैनाती करनी पड़ती थी।
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नई व्यवस्था के अनुसार न तो दवाओं की खरीद करनी होगी और न ही बुनियादी ढांचे की जरूरत रहेगी। बागवान अपनी जरूरत की दवाएं खुले बाजार से खरीदेंगे और सरकार सिर्फ एक हेक्टेयर पर अधिकतम चार हजार का उपदान बागवानों के खाते में सीधे डालेगी। इससे ज्यादा जमीन होने पर भी सिर्फ चार हजार ही उपदान दिया जाएगा। इसके लिए बागवानों को दवाओं के बिल बागवानी विभाग के पास जमा कराने होंगे।
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हिमाचल के लाखों बागवानों को आगामी वित्तीय वर्ष से अब उपदान (सब्सिडी) की कीटनाशक दवाएं नहीं मिलेंगी।