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लोगों को अभी सरकारी लैब में करवाने होंगे टेस्ट

Fri, 27 May 2022 10:36 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 27 May 2022 10:36 PM IST
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lab issue not solved in IGMC
lab issue not solved in IGMC
आईजीएमसी प्रबंधन ने नई कंपनी को नहीं दी अभी सैंपल लेने की मंजूरी
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प्रबंधन का तर्क, पूरा सेटअप लगाने के बाद ही शुरू करें टेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में उपचार करवाने आए मरीजों को अभी टेस्ट सरकारी लैब में ही करवाने पड़ेंगे। अस्पताल प्रबंधन ने नई कंपनी कृष्णा डायग्नोस्टिक को अपनी लैब स्थापित करने के बाद ही सैंपल लेने को
कहा है।
आईजीएमसी के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि नई कंपनी केवल तभी काम शुरू करेगी जब उनकी अपनी लैब यहां पर स्थापित हो जाएगी। इससे मरीजों को टेस्ट रिपोर्ट लेने में परेशानी नहीं होगी। आईजीएमसी में पूर्व में स्थापित एसआर लैब का अनुबंध छह दिन पहले खत्म हो गया है। ऐसे में अब अस्पताल की सरकारी लैब में दोपहर एक बजे तक टेस्ट के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। दोपहर बाद लैब में सैंपल न लेने के कारण लोगों को मजबूरन निजी लैबों में जाकर टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं।
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नई कंपनी कृष्णा डायग्नोस्टिक ने प्रबंधन के साथ की हुई बैठक में कहा था कि उन्हें सैंपल लेने की इजाजत दे दें। दोपहर तक सैंपल लेने के बाद वह इन्हें जांच के लिए मोहाली भेजेंगे तथा दूसरे दिन रिपोर्ट मिल जाएगी। इससे मरीजों को राहत मिलनी थी लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इसकी इजाजत नहीं दी। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि नई कंपनी जब तक पूरा सेटअप नहीं लगवा लेती तब तक सैंपल नहीं ले सकती।
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लैब शिफ्ट करने का मामला भी उठाया
आईजीएमसी के कर्मचारियों ने लैब को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की है। अभी लैब सस्ती दवाओं की दुकानों के पास स्थापित की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि लैब में टेस्ट करवाने के लिए लोगों की भीड़ लगने से आने जाने में दिक्कत होती है। इसलिए नई लैब को किसी खाली जगह स्थापित किया जाए। अभी जहां लैब स्थापित की है वहां दवाइयों की दुकानें, आर्थो ओपीडी, फीस काउंटर, टेस्ट ट्यूब काउंटर और क्लेक्शन काउंटर भी हैं। सभी के लिए रास्ता भी एक ही है। ऐसे में यहां से आने जाने में मरीजों और आम लोगों को भारी परेशानी होती है।
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