देव-मानस मिलन के साथ आज से शुरू होगा कुल्लू दशहरा
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अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा वीरवार से देव-मानस के भव्य मिलन के साथ शुरू होगा। 28 अक्तूबर तक चलने वाले उत्सव के लिए करीब 300 देवी-देवताओं को न्योता भेजा गया है। कई देवता बुधवार शाम तक पहुंचना शुरू हो गए हैं। वीरवार देर शाम तक करीब 292 देवी-देवताओं के पहुंचने की उम्मीद है।
वीरवार को राज्यपाल आचार्य देवव्रत प्रदर्शनियों और शोभायात्रा में शिरकत कर उत्सव का विधिवत शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह 28 अक्तूबर को समापन करेंगे। भव्य देव समागम का पारंपरिक आगाज शुक्रवार सुबह मेले में शिरकत करने आए सैकड़ों देवी-देवता सुलतानपुर में भगवान रघुनाथ के दरबार में हाजिरी भरकर करेंगे।
इसके बाद रघुनाथ के छड़ीबरदार और राज परिवार के सदस्य महेश्वर सिंह भगवान रघुनाथ को रथ मैदान लाएंगे। दोपहर बाद करीब तीन बजे ढोल, करनाल और शहनाई की मंगल स्वर लहरियों के साथ लाखों लोग और देवी-देवता भव्य शोभायात्रा का आगाज करेंगे।
28 को संपन्न होगा दशहरा
भगवान रघुनाथ की शोभायात्रा में शिरकत करने के लिए सैलानी भी पहुंचते हैं। रथ मैदान से शोभायात्रा ढालपुर मैदान पहुंचेगी। यहां भगवान रघुनाथ और सभी सैकड़ों देवी-देवता अस्थायी शिविरों में विराजमान होंगे। 28 अक्तूबर को लंका दहन के दिन लंकाबेकर में मां हिडिंबा को अष्टांग बलि देने के बाद दशहरा महोत्सव का समापन होता है।
लेकिन हाईकोर्ट की ओर से पशु बलि पर प्रतिबंध लगाने के बाद इस बार इस परंपरा निर्वहन कैसे होगा, इस पर संशय है। हालांकि, पिछले साल दशहरे में दावा किया गया था कि सभी परंपराओं का निर्वहन किया गया है। इधर, मेला कमेटी के उपाध्यक्ष एवं उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर ने कहा कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा के भी पुख्ता प्रबंध किए हैं।