कुल्लू दशहरा: शाही अंदाज में निकली भगवान नरसिंह की दूसरी जलेब, ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमे देवलू
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा के चलते ढालपुर का मैदान ढोल-नगाड़ों, नरसिंगों की स्वरलहरियों से गूंज उठा। देवताओं के साथ देवलुओं को वाद्ययंत्रों की थाप थिरकता देख हर कोई कुल्लवी रंग में रंग गया।
विस्तार
गुरुवार को करीब 4:00 बजे भगवान नरसिंह की भव्य जलेब की तैयारी शुरू हो गई। 4:15 बजे सबसे पहले भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह पालकी में बैठे। जबकि हवाई के देवता जमदग्नि ऋषि, शियाह के देवता जमदग्नि ऋषि, मनिहार के देवता गौतम ऋषि, आशणी के देवता भृगू ऋषि, नजां के देवता च्यवन ऋषि, सीस के देवता जमलू भी पहले ही यहां पर पहुंच गए थे। इसके बाद जलेब शुरू हो गई। जलेब में सबसे आगे नरसिंह भगवान की घोड़ी चली, इसके बाद लाव-लश्कर चला। राजा की चानणी से निकली जलेब ने पूरे मैदान की एक परिक्रमा पूरी की। इसके बाद राजा की चानणी के पास देवलुओं ने नाटी भी डाली। वहीं भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने कहा कि दशहरा उत्सव में शुक्रवार को भी भव्य जलेब निकलेगी। इसमें सैंज के देवी-देवता शामिल होंगे।
राजा की चानणी के पास देवलुओं ने डाली शानदार कुल्लवी नाटी
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा के तीसरे दिन राजा की चानणी के पास देवलुओं ने शानदार नाटी(लोकनृत्य, लोक गायन) डाली।
मान्यता के अनुसार भगवान नरसिंह की जलेब से पहले नाटी डाली जाती है। इस दौरान लोगों ने कुल्लवी नाटी का खूब लुत्फ उठाया। इस दौरान भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह भी मौजूद रहे।
कुल्लू दशहरा के दूसरे दिन भगवान रघुनाथ के शिविर में दर्शन के लिए लगा श्रद्धालुओं का तांता
कुल्लू दशहरा में आए देवी-देवताओं के अस्थायी शिविरों में दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वहीं, भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर में भी सुबह से रघुनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। यहां पर भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। भगवान रघुनाथ की ढोल-नगाड़ों की थाप पर चार पहर पूजा भी की जा रही है।
यूफोनी बैंड की धुनों पर नाचे दर्शक, लूटी वाहवाही
दशहरा उत्सव की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में यूफोनी बैंड के कलाकार छाए। बैंड के कलाकारों ने हिंदी और पंजाबी गीतों पर दर्शकों को खूब नचाया। लमन बैंड के कलाकारों ने भी दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। साउथ अफ्रीका और मलयेशिया की संस्कृति के रंग भी कलाकेंद्र में देखने को मिले। साउथ अफ्रीका और मलयेशिया के कलाकारों ने लालचंद प्रार्थी कलाकेंद्र में बेहतरीन प्रस्तुति देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। सिरमौर और सूत्रधार सांस्कृतिक दल की प्रस्तुति को भी दर्शकों ने खूब सराहा। लोक कलाकार दीपक जंदेवा आदि ने दर्शकों की तालियां बटोरीं। तीसरी सांस्कृतिक संध्या में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
इससे पहले अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव की तीसरी सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत सूरजमणी की शहनाई से हुई। इसके बाद कुल्लवी नाटी पेश की गई। दियार में प्रोहधार के अशोक, रायसन के आरसी सागर, गड़सा के देव सोनी ने शानदार गीत गाए। अंजू शर्मा, डेनी, पांगी स्टूडेंट एसोसिएशन के कलाकारों ने भी प्रस्तुति दी। प्रिंस डांस ग्रुप के कलाकारों और अनिल सूर्यवंशी ने गीत पर प्रस्तुति दी। वहीं आईटीईएस की ओर से फैशन शो भी किया गया। दिन के समय प्रदर्शनी मैदान में लगाए गए अतिरिक्त मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। इस दौरान मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, एसपी साक्षी वर्मा, एडीएम अश्विनी कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद