228 देवी-देवताओं को दिया 60 लाख का नजराना
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अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में भाग लेने आए 228 देवी-देवताओं को करीब 60 लाख रुपये का नजराना दिया गया। बेशक इस बार मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने नजराना राशि को नहीं बढ़ाया, बावजूद इसके गत साल की अपेक्षा नजराना राशि दो से तीन लाख अधिक रही, क्योंकि इस बार पांच अन्य देवी -देवताओं ने दशहरे में हिस्सा लिया।
पिछले साल करीब 57 लाख की राशि 223 देवी-देवताओं व उनके बजंतरियों को दी गई थी। दशहरे में आए देवी-देवताओं को नजराना राशि आवंटित करने वाले कुल्लू तहसील ऑफिस कानूनगो राम चंद नेगी ने बताया कि भगवान रघुनाथ को सबसे अधिक 150550 रुपये का नजराना और 10 हजार रुपये उनके बजंतरियों को दिए गए हैं। जबकि लग वैली की देवी लोहड़ी अछरी जिंदी को सबसे कम 3500 रुपये का नजराना दिया गया है।
देवी लोहड़ी अछरी जिंदी को दिए महज 3500 रुपये
उन्होंने कहा कि कुल आवंटित 60 लाख में से करीब 42 लाख रुपये देवी-देवताओं को नजराने के रूप में दिए गए हैं। लगभग 18 लाख की राशि देवी-देवताओं के बजंतरियों को दी है। नेगी ने बताया कि देवी हिडिंबा मनाली, देवता जमलू पीज तथा देवता बिजली महादेव आदि आधा दर्जन देवी-देवताओं को 50 हजार से अधिक की राशि बतौर नजराना दी गई है।
नियमानुसार 131 मुआफीदार देवी-देवताओं के बजंतरियों को क्रमश:10-10 हजार रुपये दिए गए हैं, जबकि 97 गैर मुआफीदारों को 5-5 हजार रुपये दिए गए हैं। डीसी कुल्लू एवं दशहरा समिति के अध्यक्ष राकेश कंवर ने कहा कि देवी-देवताओं की उपस्थिति से ही दशहरा उत्सव की शान और पहचान है। उनको दी जाने वाली सुविधाओं का दशहरा समिति की ओर से पूरा ख्याल रखा जाता है।