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kullu Accident: ढाई घंटा मदद नहीं मिलने से भड़के लोग, विधायक ने मौके से जाना ही बेहतर समझा
Mon, 04 Jul 2022 06:23 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, सैंज (कुल्लू)
संवाद न्यूज एजेंसी, सैंज (कुल्लू)
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 04 Jul 2022 06:23 PM IST
सार
प्रशासन की अव्यवस्था से खफा मौके पर जुटे सैकड़ों लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों का गुस्सा देखकर स्थानीय विधायक सुरेंद्र शौरी ने मौके से जाना ही बेहतर समझा। इसके बाद लोगों ने बंजार के उपमंडलाधिकारी का घेराव कर दिया।
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ढाई घंटा मदद नहीं मिलने से भड़के लोग
- फोटो : संवाद
विस्तार
समय पर मदद न मिलने पर कई लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सैंज के शैंशर हादसे में यात्री बस के भीतर और नीचे फंसे रहे। दर्द से कराह रहे इन लोगों को करीब ढाई घंटे तक मदद नहीं मिली। बस उलटी पड़ी थी। ऐसे में स्थानीय लोग भी लाख कोशिशें के बावजूद उन्हें नहीं निकाल सके। समय रहते बड़ी जेसीबी मशीन मौके पर पहुंच गई होती तो बस में फंसे लोगों की जान बच सकती थी। उधर, प्रशासन की अव्यवस्था से खफा मौके पर जुटे सैकड़ों लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों का गुस्सा देखकर स्थानीय विधायक सुरेंद्र शौरी ने मौके से जाना ही बेहतर समझा। इसके बाद लोगों ने बंजार के उपमंडलाधिकारी का घेराव कर दिया।
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दरअसल, हादसा सुबह 8:30 बजे हुआ था, लेकिन विधायक और प्रशासन 11:30 बजे घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय प्रशासन ने आपदा प्रबंधन को भी एक घंटा देरी से हादसे की जानकारी दी। इससे लोग भड़क गए और एसडीएम को घेराव कर दिया, जबकि विधायक मौके से चले गए थे। लोगों का कहना है कि ढाई घंटे बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू हुआ। हादसे के दो घंटे बाद एक छोटी जेसीबी मशीन मौके पर पहुंची, लेकिन इससे बस को नहीं उठाया जा सका। बड़ी मशीन आने में लगभग ढाई घंटे का और समय लगा। इस मशीन के आने के बाद बस के भीतर और नीचे दबी सवारियों को निकाला गया। उस समय तक एक महिला को छोड़कर अन्य पांच लोग दम तोड़ चुके थे। महिला की सांसें भी अस्पताल लाते हुए रास्ते में थम गईं।
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बस के नीचे दबे लोगों को नहीं मिला पानी
ग्रामीणों ने उपमंडलाधिकारी बंजार को जमकर घेरा। ग्रामीणों का कहना था कि बस के नीचे दबे लोग दर्द से तड़पते हुए मदद मांगते रहे, लेकिन उन्हें पानी की एक बूंद भी नसीब नहीं हुई। बजाहरा के चंद्रसेन ने बताया कि उनके छोटे भाई की धर्म पत्नी की सांसे बस के नीचे ढाई घंटे तक दबी रहने के बाद भी चल रही थीं। ग्रामीणों ने कहा कि विधायक की प्रशासन पर कमजोर पकड़ के कारण यहां बचाव कार्य में देरी हुई है। राकेश कुमार, चंद्र सेन, भाग चंद, निमत राम और हरिराम ने बताया कि 8:30 बजे से 11:00 बजे तक छह लोग बस के नीचे दबे रहे। प्रशासन की ओर से कोई बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया।
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