गुड़िया रेप केस: पांच माह बाद भी CBI खाली हाथ, अब खेला एक और दांव
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गुड़िया से दुराचार और हत्या मामले में पांच माह बाद भी लगभग खाली हाथ चल रही सीबीआई ने अब एक और दांव खेला है। पांच महीने बाद आखिर जांच एजेंसी ने गुड़िया के हत्यारों की सूचना देने वाले को दस लाख इनाम देने की घोषणा की है। हालांकि, इससे पहले भी सीबीआई लोगों से मामले को लेकर जानकारी देने की कई अपील कर चुकी हैं।
हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने से पांच दिन पहले सीबीआई की इस घोषणा से मामले की पड़ताल को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। जांच एजेंसी के लिए यह राहत जरूर है कि इसी प्रकरण से जुड़े लॉकअप हत्याकांड के आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शिमला जिला के दांदी जगल में 6 जुलाई को गुड़िया की लाश मिली थी।
पुलिस जांच से असंतुष्ट जनता के विरोध प्रदर्शन के बाद इस मामले को हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई को सौंपा गया था। 24 जुलाई से सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। सीबीआई ने करीब दो सौ के ब्लड सैंपल जुटाए, करीब दो हजार से अधिक लोगों से भी पूछताछ की है। लेकिन सीबीआई के हाथ पुख्ता सबूत नहीं लगा है।
गौरतलब है कि 4 जुलाई को गुड़िया घर से स्कूल के लिए गई थी, शाम के वक्त वह घर नहीं लौटी। दो दिन बाद गुड़िया की लाश दांदी जंगल में पड़ी मिली। इसी मामले में पुलिस ने जिन आरोपियों को पकड़ा था वे जमानत पर हैं, जबकि इससे जुड़े हिरासत में मौत मामले में एसआईटी के डीजीपी समेत कई पुलिसवाले जेल में हैं।
सूरज की हत्या से भी नहीं मिला सुराग
कोटखाई पुलिस लॉकअप में सूरज की हत्या मामले की जांच के दौरान भी सीबीआई को गुड़िया हत्याकांड से जु़ड़ा कोई सुराग नहीं मिला। जांच एजेंसी ने लॉकअप प्रकरण में आईजी समेत 8 पुलिस वालों को गिरफ्तार कर कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी, लेकिन इससे भी गुड़िया मामले में सीबीआई किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई।
सीबीआई ने नकारे पुलिस के आरोपी
पुलिस ने जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सीबीआई इन आरोपियों को गुड़िया के हत्यारा नकार चुकी है। सीबीआई ने इन आरोपियों के नारको, ब्रेन मैपिंग आदि टेस्ट कराए लेकिन इस रिपोर्ट में यह सभी आरोपी गुड़िया के हत्यारे नहीं पाए गए। पांचों आरोपी जमानत पर रिहा भी हो गए हैं।
जमानत पर चल रहे राजू से सीबीआई ने फिर की पूछताछ
गुड़िया दुराचार और हत्या मामले की जांच करने बानकूफर और कोटखाई में डटे सीबीआई के अफसर अब शिमला और दिल्ली के लिए रवाना होने लगे हैं। बीते सप्ताह मौके पर डटी 15 अधिकारियों की टीम में से अब 5 अफसर ही मामले की जांच कर रहे हैं।
वीरवार को डीएसपी सीमा पाहूजा शिमला लौट आई है जबकि अन्य 9 अफसर दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। दिल्ली सीबीआई से एक अफसर बानकूफर पहुंचे हैं। उन्होंने अपने पांच सदस्यों के साथ उस स्थान का निरीक्षण किया जहां गुड़िया की लाश मिली थी।
सीबीआई की टीम ने हलाइला में रहने वाले तीन नेपालियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया। सूत्र बताते हैं कि इन नेपालियों से पूछा गया कि कौन कौन कच्ची शराब निकालता है और गांव के ऐसे कौन कौन लोग हैं जो इस शराब को पीते हैं।
इसके अलावा सीबीआई ने राजू से भी पूछताछ की। गुड़िया मामले में पुलिस ने जिन पांच लोगों को पकड़कर जेल में डाला था। इसमें राजू भी था।
महासू में मीट की दुकान के पास खड़ी रही सीबीआई
महासू में मीट की दुकान के पास सीबीआई करीब 20 से 25 मिनट तक खड़ी रही। बताया जा रहा है कि सीबीआई अफसरों ने इन दुकान में लोगों से गुड़िया के बारे में पूछताछ की।
बानकूफर और कोटखाई में डेरा डाले थी सीबीआई की टीम
सीबीआई के 15 सदस्यीय टीम दो रेस्ट हाउस में ठहरी थी। बताया जा रहा है कि सीबीआई ने कोटखाई लोक निर्माण विभाग के रेस्टहाउस को खाली कर दिया है। अब पांच सदस्य बानकुफर वन विभाग के रेस्ट हाउस में ही ठहरे हैं।