गुड़िया की बहनों ने CBI अफसरों को बांधी राखी, तोहफे में रखी ये मांग
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गुड़िया की चचेरी, फुफेरी बहनों के अलावा कई युवतियां मुंह पर काली पट्टियां बांधकर राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ पहुंचीं। उन्होंने यहां तैनात पुलिस अधिकारियों के माध्यम से सीबीआई अधिकारियों को भीतर यह संदेश भेजा कि वे उन्हें राखी बांधना चाहती हैं।
पहले अधिकारी आनाकानी करते रहे, लेकिन बाद में जब ये युवतियां अपनी जिद पर अड़ी रहीं तो गुड़िया की एक चचेरी बहन और एक स्वयंसेवी संस्था की प्रमुख तनुजा थापटा को भीतर आने की मंजूरी दी गई।
पीटरहॉफ की बेसमेंट में एक कमरे में चल रहे सीबीआई के अस्थायी कार्यालय में पहुंची इन युवतियों ने दो अधिकारियों को राखी बांधने के बाद कहा - रक्षाबंधन के तोहफे में आपसे गुड़िया के कातिल चाहिए।
CBI के अफसरों ने दिया ये जवाब
सोमवार को करीब 12:00 बजे ये युवतियां रिज मैदान पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास इकट्ठा हुईं। बारिश के बावजूद करीब पौने एक बजे इन सबने पीटरहॉफ शिमला को प्रस्थान किया। इनके साथ पुरुष सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल थे। ये सब पहले पैदल रेलवे बोर्ड बिल्डिंग में सीबीआई कार्यालय के बाहर तक गईं।
यहां कुछ देर रुकने के बाद इन सबने पीटरहॉफ को प्रस्थान किया। करीब डेढ़ बजे इन सबके पहुंचने से पहले ही यहां स्थानीय पुलिस का कड़ा पहरा था। उन्हें पुलिस ने यह कहकर रोक दिया कि सीबीआई जांच अधिकारी इस तरह से बातचीत को अधिकृत नहीं हैं। इसी बीच मदद सेवा ट्रस्ट स्वयंसेवी संस्था की प्रमुख तनुजा थापटा ने कहा कि वे तो केवल राखी बांधना चाहती हैं।
दबाव में सीबीआई, राखी बांधने आईं बहनों से भी की पूछताछ
वे राखी बांधे बगैर नहीं जाएंगी। काफी देर बाद सीबीआई अफसरों ने भीतर से संदेश भेजा कि जो गुड़िया के परिवार से हैं, वे ही अंदर आएं। तब तय हुआ कि गुड़िया की एक चचेरी बहन और तनुजा थापटा ही भीतर जाएंगी। अंदर जाकर दोनों ने सीबीआई के दो अधिकारियों को राखियां पहनाईं। करीब पंद्रह मिनट बाद दोनों बाहर आईं।
चौतरफा दबाव से घिरी सीबीआई ने राखी बांधने गईं बहनों से भी पूछताछ शुरू कर दी। जैसे ही ये युवतियां भीतर गईं तो सीबीआई के एक अधिकारी बोले- आप क्या बताना चाहती हैं? युवतियों ने कहा- पहले आपको राखियां बांधी जाएंगी, उसी के बाद आगे की बात होगी। फिर जैसे ही इन अधिकारियों ने राखियां बंधवाईं तो उसके बाद ये अधिकारी बोले- आपको कुछ मालूम हो तो बताएं।
युवतियों ने सीबीआई से पूछा कि अब तक की तफ्तीश में क्या हुआ है, उन्हें बताया जाए। सीबीआई अधिकारी बोले - हम रोजाना अपने हेड ऑफिस के संपर्क में रहते हैं। आप वहीं बात करें। गुड़िया की चचेरी बहन ने जब पूछा- मैडम सीमा पाहूजा कहां हैं? तो उन्हें जवाब दिया गया कि वह फील्ड में हैं।
हमारे लिए ये केस टफ नहीं है: सीबीआई
जब तनुजा थापटा ने सीबीआई अधिकारियों से यह पूछा कि यह केस उनके लिए इसलिए टफ होगा, क्योंकि इसमें सबूत मिटा दिए गए हैं। जवाब में एक अधिकारी बोले- हमारे लिए ये टफ नहीं है। कई केस इससे भी टफ होते हैं, जिनमें क्लू तक नहीं होते।
इसमें वक्त जरूर लग रहा है। हमारा हर काम गुप्त होता है। हम जब तक मामले को सौंप नहीं देते, तब तक इस मामले की किसी को भी जानकारी नहीं दी जाएगी। हम जांच में दखलअंदाजी नहीं चाहते हैं। हम खुफिया तौर से काम कर रहे हैं। हमें इस मामले की जानकारी देने की सख्त मनाही है।
अब सीबीआई कार्यालय के बाहर होगा क्रमिक अनशन
गुड़िया की बहनों ने कहा कि 17 अगस्त तक सीबीआई कार्यालय शिमला के बाहर अनशन जारी रहेगा। जब तक सीबीआई अपनी चुप्पी को समाप्त नहीं करेगी, तब तक अनशन जारी रहेगा। संस्था की ओर से गुड़िया मामले पर जगह-जगह नुक्कड़-नाटक भी होंगे।